ऊना। जेएनएनयूआरएम की कंडम हो चुकीं बसों की नीलामी से पहले एचआरटीसी इनके बेहतर इंजनों को बचाने में जुट गया है। नीलामी के लिए ऊना के पुराने बस अड्डे में खड़ी की जा रही बसों से अच्छी हालत के इंजन निकालकर दूसरी बसों में लगाए जा रहे हैं।
निगम की इस प्रक्रिया का मकसद ऐसे इंजनों का दोबारा इस्तेमाल करना है, जो कबाड़ घोषित होने वाली बसों के साथ लोहे के भाव बिकेंगे। हालांकि नीलामी में आई जीरो बुक वैल्यू की बसों से इंजनों को नहीं बदला जा रहा है।
केवल उन्हीं बसों के इंजन निकाले जा रहे हैं जो कबाड़ में बेची जानी हैं। मंगलवार को मेकेनिक पुराने बस अड्डे में पहुंचकर इंजनों की अदला बदली के काम में जुट गए।
जिन बसों के इंजन अच्छी हालत में हैं, उन्हें निकाल कर उसके बदले बेकार हो चुके इंजन को फिट किया जा रहा है। इस काम में हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और देहरा डिपो के मेकेनिकों को लगाया गया है।
इसके अलावा मौके पर भारी भरकम इंजनों को उठाने के लिए मशीनें मंगवाई गई हैं। निगम के अनुसार, जेएनएनयूआरएम की बसों के इंजन को निगम की स्टार बसों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
मंगलवार तक नीलामी के लिए 32 बसें पुराने बस अड्डे में पहुंचाई गईं हैं। देहरा, नालागढ़, हमीरपुर और संसारपुर टेरस से जेएनएनयूआरएम की बसें यहां लाई जा रही हैं।
कुल 82 बसों को नीलामी के लिए ऊना के पुराने बस अड्डे में एकत्र किया जाना है। इसके अतिरिक्त जीरो बुक वेल्यू हो चुकीं जेएनएनयूआरएम की करीब 19 बसें ऊना के रामपुर स्थित वर्कशॉप में खड़ी हैं।
बता दें कि एचआरटीसी 366 बसों की नीलामी करेगा। इसमें से 176 बसें जेएनएनयूआरएम की हैं, अन्य डीजल बसें हैं। इसमें से 100 के करीब बसों की नीलामी ऊना में ही होनी प्रस्तावित है। संवाद
ऊना के पुराने बस अड्डे में रिकवरी क्रेन से कंडम बसों से इंजन निकलते एचआरटीसी के मेकेनिक। संवाद