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Una News: बल्क ड्रग पार्क बिच साडे बच्चेयां नूं नौकरी वास्ते बने एसओपी

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पोलियां वीत में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अ​धिकारी।संवाद
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पोलियां बीत के बाशिंदों ने कहा- गंदे पानी दा होवे पूरा बंदोबस्त
स्थानीय लोगों से ली आपत्तियां और सुझाव
सुरेश बसन
ऊना। बल्क ड्रग पार्क बिच साडे बच्चेयां नूं नौकरियां किदा सुनिश्चित होनियां, इस वास्ते कोई नियम (एसओपी) बनाया जाए। गंदे पानी दा किवें और किंदा बंदोबस्त होना, इस गल नूं भी पुख्ता कित्ता जावे। टाहलीवाल बिच लगे बड़े उद्योगां बिच साडे बच्चे नौकरी दी भिख मंगदे, इस कर के बल्क ड्रग पार्क बिच पोलियां बीत कुठारबीत अते नाल लगदे पिंडा दे बच्चेयां नू नौकरी वास्ते कोई पक्का प्रबंध होवे। कुछ ऐसे ही सवाल स्थानीय भाषा में ऊना के पोलियां बीत स्थित वन विभाग के विश्राम गृह परिसर में बुधवार सुबह 11:40 बजे बल्क ड्रग पार्क निर्माण को लेकर शुरू हुई पर्यावरण संबंधित जनसुनवाई में स्थानीय लोग अधिकारियों से पूछे रहे हैं। स्थानीय गांवों में कुठीरबीत, पोलियां बीत, टिब्बियां, जोड़ियां, जननी और मल्लूवाल गांवों के बाशिंदे यहां पहुंचे हुए हैं। एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर की अध्यक्षता में उद्योग विभाग से अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान, सलाहकार अशोक शर्मा, पर्यावरण सहायक इंजीनियर प्रवीन कुमार व एसडीएम हरोली विशाल शर्मा आदि प्रशासनिक अधिकारी जन सुनवाई के लिए उपस्थित हैं। अधिकारियों की टीम ने पूरे ध्यान से लोगों के सवाल, परामर्श एवं आपत्तियां लीं। उन्हें बताया कि पर्यावरण से संबंधित इस सुनवाई की वीडियोग्राफी केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष जाएगी।
समय 12 बजे। पर्यावरण सहायक इंजीनियर प्रवीन कुमार जन सुनवाई से संबंधित जानकारी देते हैं। इस बीच बल्क ड्रग पार्क में प्रबंधों को लेकर सलाहकार अशोक शर्मा विस्तृत रिपोर्ट स्थानीय भाषा में लोगों को बताते हैं। इस बीच उन्हें आला अधिकारी पर्यावरण संबंधित विषय पर जोर देने की बात कहते हैं। रिपोर्ट पढ़ने के बाद जन सुनवाई में मौजूद लोगों को एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर सवाल, परामर्श एवं समस्याएं बताने को कहते हैं।
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समय 12:17। जन सुनवाई में मौजूद कुठारबीत पंचायत के पूर्व प्रधान अशोक कुमार ने सवाल किया कि बल्क ड्रग पार्क लगने से दो गांवों पोलियां और कुठारबीत को क्या अतिरिक्त लाभ होगा। क्या नौकरी में हमारे युवाओं को कोई प्राथमिकता रहेगी। जवाब में अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की 80 प्रतिशत रोजगार हिमाचलियों को देने की प्राथमिकता है। बल्क ड्रग पार्क में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 40 हजार रोजगार पैदा होगा। इसमें प्रदेश और स्थानीय गांवों के संबंधित फील्ड के लोग शायद कम पड़ जाएंगे। 12वीं पढ़े ऑपरेटर, साइंस ग्रेजुएट 60 प्रतिशत तक युवा यहीं रोजगार पा लेंगे।
पोलियां बीत के प्रधान कैप्टन राकेश कुमार शर्मा ने पूछा कि बल्क ड्रग पार्क में स्थानीय गांवों के युवाओं की पक्की नौकरी के लिए कोई एसओपी या नोटिफिकेशन होगी कि इतने प्रतिशत रोजगार पाएंगे। क्योंकि क्षेत्र के उद्योगों क्रिमिका और नेस्ले में हमारे युवा धक्के खाते हैं। रोजगार के लिए भीख मांगते हैं। इसलिए यहां के बच्चों के रोजगार को लेकर एसओपी बने। एडीसी ने सुझाव का स्वागत किया और एसओपी को लेकर संबंधित अधिकारियों से गोर करने को कहा।
नील प्रकाश ने पूछा कि यहां पर सोलिड वेस्ट, गंदे पानी की डंपिंग साइट आदि से हमारे भूमिगत पानी को क्या नुकसान होगा और इसके लिए क्या प्रबंध होंगे। जवाब देते हुए तिलक राज शर्मा ने डंपिंग साइट के पुख्ता निर्माण के बारे में बताया। जबकि, सलाहकार अशोक शर्मा ने बल्क ड्रग साइट के अंदर डंपिग साइट में निष्पादन प्रक्रिया, सीईटीपी में 30 प्रतिशत ट्रीट कर दोबारा उपयोग में लाए जाने के बारे में बताया। कहा कि इसके लिए वैज्ञानिक नियम तय हैं। ग्राउंड वाटर और हवा को किसी भी सूरत में दूषित नहीं होने देंगे।
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हरीश कुमार ने पूछा कि बल्क ड्रग पार्क के साथ लगती निजी भूमि के लिए कोई अधिसूचना एवं एनओसी नहीं है, उसमें कैसे समाधान मिलेगा। उद्योग विभाग से अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा ने बताया कि केंद्र को 1405 एकड़ भूमि की मांग सरकारी भूमि से पूरी कर दी गई है। इसमें कोई निजी भूमि नहीं है। अगर और जमीन की जरूरत होगी तो संबंधित भूमि मालिकों से संपर्क करेंगे।
समय 12:30 बजे। जन सुनवाई के अंत में एडीसी ऊना एवं सलाहकार अशोक शर्मा उपस्थित लोगों से हाथ खड़े कर सहमति की मांग करते हैं। इस पर लोग सहमति जताते हैं।
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