बीपीएल परिवारों में शामिल न किए जाने के विरोध में ग्राम पंचायत रिपोह मिसरां का एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र पाल, कुसुम लता, देसराज, सोमा देवी, सुनीता देवी, रत्न चंद, राकेश कुमार, संतोष कुमारी, वंदना शर्मा सहित अन्य शामिल रहे। सुरेंद्रपाल ने बताया कि वह गरीब परिवार से संबध रखते हैं और मेहनत मजदूरी कर अपना निर्वाह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को आम इजलास में उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों को उनका नाम बीपीएल में शामिल करने के लिए आवेदन किया, लेकिन पंचायत पदाधिकारियों ने कथित तौर पर हमारे परिवार का मजाक उड़ाया और हमारा नाम बीपीएल में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपने चहेतों को बीपीएल में शामिल कर लिया। सुरेंद्र पाल ने ग्राम पंचायत प्रधान पर उनका नाम मनमर्जी के कारण बीपीएल से हटाए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह अंब क्षेत्र में अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई न हुई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मंाग की है कि मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।