फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिकारी हर पंचायत में करेंगे बीपीएल सूची की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
बंगाणा (ऊना)। बीपीएल को लेकर उजागर हो रहे गड़बड़झाले के चलते अब प्रत्येक पंचायत में बीपीएल श्रेणी में शामिल किए गए लोगों की जांच की जाएगी। फर्जी गरीब निकलने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। गड़बड़झाले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दे दिए हैं।
विज्ञापन

प्रदेश स्तर पर 125 सरकारी अधिकारियों का बीपीएल श्रेणी में शामिल होकर गरीब लोगों के हकों पर डाका डालने का मामला उजागर होने के बाद अब सरकार भी हरकत में आ गई है। इसी के मद्देनजर प्रदेश के सभी विकास खंडों में आईआरडीपी मेें शामिल लोगों की जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा पंचायतों में की जा रही इस जांच से पंचायत प्रतिनिधियों व पंचायतों में कार्यरत संबंधित कर्मचारियों के चेहरों की अब हवाइयां उड़ने लगी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा आईआरडीपी, बीपीएल, अंत्योदय योजना में गरीब परिवारों को सस्ता राशन, मकान, बच्चों को नौकरी में आरक्षण व स्वरोजगार में 70 से 80 फीसदी तक आरक्षण देने का प्रावधान है। प्रदेश सरकार द्वारा निर्धन परिवारों को ऊपर उठाने के लिए बीपीएल योजना एक महत्वपूर्ण योजना को लागू किया है, लेकिन कुछ जगहों में रसूखदार लोग इस योजना का लाभ बड़े पैमाने पर उठा रहे हैं। इस सब पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को पंचायतों में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि बीपीएल श्रेणी में शामिल किए जाने वाले परिवार का शपथ प्रमाणपत्र लिया जाता है। गरीब परिवारों के हक पर डाका डालने वाले लोगों को शामिल करने वाले प्रतिनिधियों व कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। फर्जी गरीब पाए जाने पर एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें