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Una News: प्लेनेक्स प्लास्टिक विवाद में फिर आमने-सामने आए दोनों पक्ष, जानें क्या पूरा विवाद

Fri, 31 Jul 2026 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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अदालत - फोटो : अमर उजाला।
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक औद्योगिक प्लांट को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। प्लानेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस ने पूर्व भाजपा विधायक नवीन धीमान समेत चार पक्षों के खिलाफ अदालत का रुख किया है और कंपनी को अंतरिम राहत मिली है। कंपनी ने आरोप लगाया है कि राहत मिलने के कुछ ही घंटों बाद उसके एक वरिष्ठ अधिकारी को धमकी भरी कॉल आई। 

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क्या है प्लानेक्स विवाद
विवाद की जड़ जीतपुर बेहड़ी स्थित प्लास्टिक प्लांट के स्वामित्व और कब्जे से जुड़ी है। प्लानेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस के अनुसार, एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट के तहत प्लांट उसके पास है, लेकिन इसके बावजूद कब्जे को लेकर विवाद खड़ा किया गया। कंपनी का आरोप है कि इस दौरान नकदी और मूल दस्तावेज चोरी किए गए तथा रंगदारी की मांग की गई। इस मामले में अदालत के निर्देश पर एफआईआर संख्या 52/26 दर्ज की जा चुकी है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

अदालत से क्या राहत मिली
कंपनी के अनुसार, सिविल जज (सीनियर डिवीजन), अंब की अदालत ने उसके निषेधाज्ञा आवेदन पर अंतरिम राहत दी है। आवेदन में राकेश कुमार, नवीन धीमान, इंदु बाला और इंडिया पॉलीमर्स को प्लांट में जबरन प्रवेश करने, कंपनी को बेदखल करने और मशीनरी, स्टॉक व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने से रोकने की मांग की गई थी। विस्तृत आदेश की प्रति का इंतजार है।

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प्लानेक्स विवाद - फोटो : अमर उजाला
क्या थी धमकी
प्लानेक्स का दावा है कि अदालती कार्यवाही वाले दिन सुबह करीब 8:27 बजे धीमान ने प्लांट प्रमुख लव भारद्वाज को पहले व्हाट्सएप संदेश भेजा और फिर फोन किया। कंपनी के अनुसार संदेश में लिखा था -"अगर आज शाम 4 बजे से पहले इसका समाधान नहीं हुआ, तो मैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लूंगा और कहा मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा।" कंपनी का कहना है कि संदेश 'डिसअपीयरिंग मैसेज' मोड में थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित कर लिया गया।

28 जुलाई को क्या हुआ था
कंपनी ने अपने बयान में 28 जुलाई की एक घटना का भी जिक्र किया है, जिसमें उसके मुताबिक धीमान कुछ अन्य लोगों के साथ प्लांट पहुंचे और मुख्य द्वार से जबरन प्रवेश का प्रयास किया गया तथा सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट हुई। कंपनी का दावा है कि घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड है।

अब आगे क्या
प्लानेक्स ने कॉल रिकॉर्डिंग, चैट और दस्तावेज पुलिस अधीक्षक ऊना, डीएसपी अंब और थाना गगरेट को सौंपने का दावा किया है, साथ ही कहा है कि वह मोबाइल फोन एफएसएल जांच के लिए देने को तैयार है। पुलिस ने जांच जारी रहने की पुष्टि की है।
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