ऊना। अब अयोग्य विधायकों को सलाह है कि वह अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर चुनाव की तैयारी करें। यह बात स्टेट प्लानिंग बोर्ड के वाईस चेयरमैन एवं फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने मंगलवार को ऊना विश्राम गृह में पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सहित भाजपा नेताओं की ओर से सरकार पर लगाए गए आरोपों के जवाब दिए।
उन्होंने कहा कि बागी विधायकों के साथ पूरा तंत्र बीजेपी का लगा रहा। सुंदरनगर के विधायक व जस्वां परागपुर के विधायक छह बागियों के साथ रहे। और तो और सीआरपीएफ की बटालियन भी केंद्र सरकार की थी। इन सभी का सहयोग इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से केंद्र में भाजपा सत्तासीन हुई है, तब से लोकतांत्रिक चुनी हुई सरकारों को गिराने की कोशिश की जा रही है। इस सिस्टम में ईडी, धनबल जोर जबरदस्ती जैसे प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी प्रक्रिया में हमारे कुछ विधायक छोड़कर गए हैं।
भवानी सिंह ने कहा कि सभी से संबंध अच्छे रहे हैं। सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा, रवि ठाकुर और लखनपाल के साथ संबंध अच्छे रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो रहे हैं, यह बोलना गलत है। आंकड़े देखें तो एक विधायक 50-100 करोड़ के विकास कार्य करवा पाता है। लेकिन इन विधायकों की विधानसभा क्षेत्रों में ही करोड़ों रुपये की सौगातें दी हैं। चपड़ासी का तबादला न होने की दुहाई देकर नाराज होना सही नहीं। यह असली मुद्दे नहीं हैं। यह भारतीय जनता पार्टी का सोचा समझा षड़यंत्र है। इसमें कुछ लोग प्रलोभन में आ गए। यकीनन भाजपा ने धनबल का प्रयोग किया है।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा प्रत्याशी अभिषेक सिंधवी के नाम घोषित होने से पूर्व इन विधायकों ने गैरहिमाचली होने की आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई। पार्टी हाईकमान और मीडिया में क्यों विरोध नहीं किया, जबकि उनका नाम घोषित होने पर हस्ताक्षर कर रात के डिनर में शामिल हुए। अगले दिन उनके विरोध में जाकर वोट कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद ये विधायक उस दिन डिनर में वेजिटेरियन भोजन देने से नाराज हो गए, क्योंकि उसमें चिकन नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के खजाने को बढ़ाने के लिए संसाधन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा पूरा किया गया है।