भारतीय सेना के युद्ध कौशल को पूरी दुनिया ने सराहा : सत्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। देश की सेना के सम्मान और मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से ऊना मुख्यालय पर वीरवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अन्य लोगों ने तिरंगा यात्रा में भाग लिया और हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय, भारतीय सेना की जय के उद्घोष से ऊना शहर गूंज उठा। तिरंगा यात्रा की अगुवाई भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं ऊना सदर से विधायक सतपाल सिंह सत्ती और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक रणधीर शर्मा ने की। यात्रा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खूब जोश देखा गया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय, जय हिंद, भारतीय सेना जिंदाबाद के नारों से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना दिया।
विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि देश की सेना के सम्मान में देशभर में तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ऊना में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस तिरंगा यात्रा का आयोजन हाल ही में भारतीय सेना की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में किया गया। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना के जवाब में चलाया गया था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। इस हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान के प्रति आक्रोश देखा गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, बल्कि भारतीय सेना के युद्ध कौशल को पूरी दुनिया ने सराहा। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा सेना के साहस और बलिदान को सम्मान देने तथा जनता को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से अवगत कराने के लिए आयोजित की गई है।
विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से भारतीय सेना ने अपने शौर्य व ताकत को दिखाया है। पहलगाम हमले का बदला हमारे सैनिकों ने लिया है। पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर आतंकवाद पर प्रहार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सेना को खुली छूट दी है। इसी का नतीजा है कि आज हमारी सेना दुश्मनों को करारा सबक सीखा रही है। इस मौके पर जिला परिषद चेयरमैन नीलम कुमारी, जिप सदस्य अशोक धीमान, नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन पुष्पा देवी, पार्षद उर्मिला देवी, सीमा देवी, इंदु बाला, नरेंद्र ठाकुर, विनय शर्मा, विनोद कुमार पुरी, मास्टर चमन लाल, राज कुमार पठानिया, बलविंदर गोल्डी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।