ऊना। श्री रामलीला कमेटी ऊना की ओर से आयोजित की जा रही रामलीला में श्री मधुर बिहारी रास मंडल वृंदावन की ओर से संस्थापक जय प्रिया शरण के निर्देशन और कथा व्यास विष्णु शर्मा की मधुर आवाज में कलाकारों ने श्री रामलीला मंचन को आगे बढ़ाया। कलाकारों केवट प्रसंग, भरत एवं शत्रुघ्न का ननिहाल से वापस आना, श्रीराम से मिलने के लिए वन में जाना, भरत मिलाप का सुंदर ढंग से मंचन दिखाया। भरत मिलाप ने श्रद्धालुओं को भावुक भी किया और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच भरत मिलाप हुआ। वृंदावन से आए कलाकारों ने दिखाया कि किस प्रकार से श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता गंगा तट पर पहुंचते हैं और वह केवट से गंगा को पार करवाने के लिए कहते हैं। इसके बाद श्रीराम चित्रकूट पहुंचते हैं, उधर, अयोध्या में महाराज दशरथ पुत्र वियोग में प्राण त्याग देते हैं। तब भरत भगवान श्रीराम से मिलने चित्रकूट के लिए निकल पड़ते हैं।
चित्रकूट के समीप भरत को सेना के साथ आते देखकर लक्ष्मण क्रोधित होते हैं। उन्हें लगता है कि भरत युद्ध करने आए हैं। तभी आकाशवाणी होती है कि श्री लक्ष्मण जो आप सोच रहे हैं वह सही नहीं। इसके बाद भरत सभी के साथ भगवान श्रीराम के पास पहुंचते हैं। भरत अपने बड़े भाई श्रीराम को प्रणाम कर गले लगते हैं। इस दौरान आंसू बहते हैं। यह दृश्य सभी को भावुक करता है। श्री राम कहते हैं कि पिता का वचन है वह उसे पूरा करेंगे।