ऊना। बीते दिनों बाथू बाथड़ी स्थित पेयजल योजना के बाढ़ में बह जाने के बाद इसके जीर्णोद्धार को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। आगामी डेढ़ माह में योजना पर हुए नुकसान के कायाकल्प को लेकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
इसमें जल शक्ति विभाग को लगभग एक करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है, जिसमें पेयजल योजना पर स्थापित मशीनरी, बोर आदि को खासा नुकसान पहुंचा है। हालांकि लोगों को पानी की सुविधा के लिए विभाग की ओर से सप्लाई अन्य योजना से जोड़कर कर दी गई है, लेकिन यहां योजना के भवन ढांचे सहित मशीनरी की भरपाई के लिए विभाग राशि के प्रबंधन को लेकर थोड़े इंतजार में रहा, लेकिन कुछ रोज बाद राशि का प्रबंध होते ही विभाग की ओर से काम शुरू कर दिया गया है। आने वाले डेढ़ माह के भीतर योजना फिर से लोगों को पेयजल मुहैया कराने के काबिल होगी। इसके कार्य के लिए जल शक्ति विभाग की टीम शिद्दत से जुटी हुई है।
फिलहाल यहां पर जल शक्ति विभाग की ओर से बोर को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। बता दें कि बीती 11 अगस्त को जिले में मूसलधार बारिश ने तबाही मचाई थी। इस बीच बाथू बाथड़ी की हुम्म खड्ड में भी उफान ने उद्योगों सहित पेट्रोल पंप और पेयजल योजना को भयंकर नुकसान पहुंचाया। यहां स्थापित पानी की मोटरें, पंप हाउस, भवन व चाहरदीवारी को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके निर्माण के लिए जल शक्ति विभाग ने कमर कस ली है। डेढ़ माह में इसे फिर से सुचारू कर दिया जाएगा।
योजना में हुए नुकसान को मरम्मत करने सहित मशीनरी को दोबारा स्थापित करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। बोर को हुए नुकसान को लेकर आकलन किया जा रहा है। डेढ़ माह में भवन मरम्मत, मशीनरी आदि का कायाकल्प कर लिया जाएगा।
-ई. नरेश कुमार धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना