ऊना। रामपुर बेली ब्रिज तैयार है, ऊंचाई अवरोधक भी लगा है लेकिन जिम्मेदारी और निगरानी को लेकर फैसला न होने से ब्रिज से कार और जीप की आवाजाही बंद है। ऐसे में लोगों का सीधा सवाल है कि जब इस ब्रिज को सुरक्षित तरीके से चलाने की व्यवस्था की जा सकती है तो निर्णय में इतनी देरी क्यों हो रही है। बेली ब्रिज पर ऊंचाई अवरोधक लगाए दस दिन बीत जाने के बाद भी लोगों को पुल से आवाजाही की सुविधा नहीं मिल पाई। लोक निर्माण विभाग ने बेली ब्रिज की सुरक्षा और निगरानी के लिए रात के समय पुलिस की तैनाती की मांग को लेकर करीब दस दिन पहले जिला प्रशासन को पत्र भेजा था लेकिन अभी तक इने लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
बता दें कि बड़े और ऊंचाई वाले वाहनों को पुल में प्रवेश करने से रोकने के लिए ऊंचाई अवरोधक लगाया गया है। विभाग की ओर से यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि बेली ब्रिज की निर्धारित क्षमता से अधिक ऊंचाई या भार वाले वाहन उस पर न पहुंचें। मेकेनिकल विंग ने लिखित तौर पर आगाह किया है कि यदि रामपुर बेली ब्रिज से बड़े वाहन गुजरता है तो हो ब्रिज ध्वस्त हो सकता है। पहले लगाए गए ऊंचाई अवरोधक रात के समय ही चार बार तोड़े जा चुके हैं।
ब्रिज से वाहनों की आवाजाही को लेकर निर्णय सरकारी स्तर पर अटका है लेकिन इसकी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है। पुल से आवाजाही शुरू होने की उम्मीद लगाए लोगों को अभी वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय और दूरी दोनों बढ़ रहे हैं।
- राजेश शर्मा, निवासी कुठारकलां
बेली ब्रिज से छोटे वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण खड्ड से होकर गुजरना पड़ रहा है। खड्ड का रास्ता भी सही नहीं है, कई बार वाहन नीचे टकरा जाता है जिससे वाहनों को नुकसान हो रहा है। प्रशासन से मांग है कि इस ब्रिज से वाहनों की आवाजाही जल्द शुरू की जाए।
- विजय, निवासी हरोली
इस मामले को लेकर मैंने आज ही जिला प्रशासन से बात की है। जैसे ही ब्रिज की सुरक्षा को लेकर रात में पुलिस की तैनाती की मंजूरी मिलती है, बेली ब्रिज को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
-केएस ठाकुर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ऊना