ऊना। नगर के संस्थापक श्री हजूर बाबा साहिब सिंह जी बेदी का तीन दिवसीय जन्म उत्सव समागम रविवार को संपन्न हुआ। कोरोना महामारी के चलते जारी दिशा-निर्देशों के चलते कुछ कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में समारोह को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद सरबत के भले की अरदास की गई। संत समागम के तहत अलग-अलग मतों के संत महात्माओं ने बाबा साहिब सिंह जी बेदी के समाज के विकास में दिए योगदान का बखान किया। उन्होंने कहा कि समाज उनके कार्यों के लिए सदा ऋणी रहेगा। इस अवसर पर उदासीन मत के स्वामी शांता नंद, महंत प्रितपाल सिंह, संत अजीत सिंह, महंत काहन सिंह, संत रंजीत सिंह, संत अमनदीप सिंह, दलबीर सिंह बड़भागी ने बाबा साहिब सिंह जी बेदी को श्रद्धा के फूल भेंट किए।
इस अवसर पर गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा सरबजोत सिंह बेदी ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच हमें भगवान का सुमिरन ही बचा सकता है। हमें बाबा साहिब सिंह जी बेदी द्वारा दिखाए धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। उनकी शिक्षाओं का सुमिरन करना चाहिए। कोरोना के इस दौर में सरकार द्वारा बचाव के लिए जारी नियमों का पालन करना चाहिए। तीन दिन चले समागम में भाई मनजीत सिंह पठानकोट, उंकार सिंह, प्यारा सिंह, कर्मजीत सिंह, जगरूप सिंह, नवजीत सिंह, गोपाल सिंह बालीवाल, हरप्रीत सिंह, तरसेम सिंह अमरकोट, हरदीप सिंह, गगनदीप सिंह सहित रागी जत्थों ने कथा-कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस मौके पर बाबा अमरजोत सिंह बेदी द्वारा संत महापुरुषों सहित सेवाओं में योगदान के लिए सेवादारों को सम्मानित किया।
कंवर के साथ रायजादा ने की शिरकत
पंचायतीराज और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर और ऊना के विधायक सतपाल रायजादा ने समारोह में शिरकत की। उन्होंने बाबा साहिब सिंह बेदी को नमन करते हुए ऐसे महापुरुषों के जीवन से शिक्षा लेकर जीवन को ऊंचा उठाने और मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। बाबा सरबजोत सिंह बेदी ने उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया।