निजी विद्यालयों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शेड्यूल जारी
आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में फाइल भी जमा करनी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले के सभी निजी विद्यालयों की मान्यता एवं नवीनीकरण प्रक्रिया से संबंधित शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 2(एन) उपखंड (दो) और (चार) के तहत उप निदेशक स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक) ऊना की ओर से सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के आरंभ से कम से कम 15 दिन पहले निर्धारित प्रपत्र पर अपना स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करें। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से 15 मार्च 2026 तक किए जा सकते हैं।
जिन निजी विद्यालयों की मान्यता अवधि पांच वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें नई मान्यता के लिए आवेदन करना होगा। इसके साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में फाइल भी जमा करनी होगी। निरीक्षण एवं मान्यता प्रदान करने के लिए शुल्क ऑनलाइन माध्यम से सरकारी कोष में जमा करना होगा। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों के लिए 10,000, कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालयों के लिए 5,000, वार्षिक नवीनीकरण शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि कोई निजी विद्यालय बिना मान्यता प्राप्त किए या मान्यता अस्वीकृत होने के बावजूद संचालित पाया जाता है तो उस पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 18(5) के तहत जुर्माना और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि धारा 12(1)(सी) के तहत, गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रवेश स्तर पर कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित रखा जाए। इसके लिए उचित व्यवस्था और व्यापक प्रचार-प्रसार विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
साथ ही विद्यालयों में योग्य अध्यापकों का चयन धारा 23(1) के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों को सुरक्षित भवन, अग्निशमन सुविधा, स्वच्छता और पर्याप्त संख्या में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखना होगा। उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने सभी निजी विद्यालय प्रबंधकों से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का समयबद्ध पालन करें और गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें।