मंडी। चेक बाउंस के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी को राहत देने से इन्कार करते हुए उसकी अपील खारिज कर दी है। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई तीन माह की साधारण कैद की सजा बरकरार रखी है। आरोपी को शिकायतकर्ता को 1.18 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश भी दिए हैं। मुआवजा नहीं देने पर उसे एक सप्ताह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। अदालत ने आरोपी को तत्काल निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार, बल्ह तहसील के कुम्मी निवासी रमेश कुमार ने शिकायत में बताया कि रंजीत सिंह ने जनवरी 2020 में घरेलू जरूरतों के लिए उनसे 1.10 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोपी ने एक महीने में रकम लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन पैसे वापस नहीं किए। फरवरी 2022 में आरोपी ने भुगतान के लिए 1.10 लाख रुपये का चेक दिया। बैंक में चेक लगाने पर 23 फरवरी 2022 को खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद आरोपी ने रकम नहीं लौटाई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर-दो मंडी ने 23 मार्च 2026 को रंजीत सिंह को दोषी ठहराया था। 24 मार्च को उसे सजा सुनाई गई। इसके खिलाफ आरोपी ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की। आरोपी ने दावा किया कि उसने 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे और चेक सुरक्षा के तौर पर दिया था। रकम लौटाने के बाद शिकायतकर्ता ने चेक का दुरुपयोग किया।
सत्र न्यायालय ने पाया कि आरोपी रकम लौटाने के दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने अपील खारिज कर निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा। साथ ही आरोपी को तत्काल आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए।