360 बूथों और 16 ट्रांजिट प्वाइंट्स पर चला विशेष अभियान
बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और सीमावर्ती बैरियरों पर भी दी गई पोलियो ड्रॉप
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में व्यापक व्यवस्थाएं करते हुए 360 पोलियो बूथ स्थापित किए, जहां बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई। अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 36447 बच्चों को पोलियो रोधी दवा दी गई।
स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, जिलेभर में 16 ट्रांजिट प्वाइंट्स भी स्थापित किए। इन ट्रांजिट प्वाइंट्स पर यात्रा कर रहे परिवारों और अन्य क्षेत्रों से आने-जाने वाले बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई।
अंब स्वास्थ्य खंड में अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन, मैड़ी स्थित चरणगंगा, बॉम्बे पिकनिक स्पॉट और चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में ट्रांजिट बूथ स्थापित किए गए। गगरेट में गगरेट बैरियर (बस स्टैंड) और मारवाड़ी बैरियर, हरोली में टाहलीवाल बस अड्डा, बाथड़ी, पंडोगा, पोलियां बीट और गोंदपुर बुल्ला बैरियर पर विशेष प्रबंध किए गए।
इसी प्रकार बसदेहड़ा स्वास्थ्य खंड में मेहतपुर और संतोषगढ़-सजोवाल बैरियर, जबकि ऊना में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ट्रांजिट बूथ लगाए गए। थाना कलां स्वास्थ्य खंड के अंतर्गत बंगाणा बस स्टैंड पर भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आठ मोबाइल टीमों को भी मैदान में उतारा। इनमें हरोली, बसदेहड़ा, गगरेट और अंब स्वास्थ्य खंड में दो-दो मोबाइल टीमें तैनात की गईं। इन टीमों ने दूरदराज क्षेत्रों तथा छूटे हुए बच्चों तक पहुंचकर उन्हें पोलियो रोधी दवा पिलाई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक देना आवश्यक है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों ने सक्रिय भूमिका निभाई।