विभाग से जल्द चिकित्सक की तैनाती की उठाई मांग
अस्थायी रूप से सोहारी के फार्मासिस्ट को सौंपी है जिम्मेवारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही(ऊना)। उपमंडल बंगाणा की उपतहसील जोल के अंतर्गत जोल और टकोली पंचायतों में स्थित पशु डिस्पेंसरियां पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हुई हैं, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीण अशोक कुमार, रामपाल, बलवंत सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में अधिकांश लोग पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं, जो उनका मुख्य आजीविका स्रोत है। ऐसे में पशु चिकित्सा सेवाओं का ठप होना उनके लिए गंभीर समस्या बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार इन डिस्पेंसरियों में तैनात फार्मासिस्टों का हाल ही में तबादला कर दिया गया है, जिसके बाद से यहां सभी सेवाएं ठप हैं। पशुओं के बीमार होने या आपात स्थिति में उपचार न मिल पाने से पशुपालक बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ये डिस्पेंसरियां पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह धीमान के कार्यकाल में इस उद्देश्य से खोली गई थीं कि ग्रामीणों को घर-द्वार पर ही पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। टकोली पंचायत के प्रधान ने जानकारी दी कि वर्तमान में टकोली पशु डिस्पेंसरी के फार्मासिस्ट का तबादला कर दिया गया है और अस्थायी रूप से इस क्षेत्र की जिम्मेवारी सोहारी के फार्मासिस्ट को सौंपी गई है। हालांकि, वह नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जोल और टकोली की पशु डिस्पेंसरियों में जल्द से जल्द स्थायी फार्मासिस्ट की नियुक्ति की जाए ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।इस संबंध में उपनिदेशक पशुपालन विभाग, डॉ. दिनेश सिंह परमार ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में है और शीघ्र ही दोनों पशु डिस्पेंसरियों में फार्मासिस्ट की नियुक्ति कर दी जाएगी।