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Una News: वित्त आयोग की राशि जल शक्ति विभाग को स्थानांतरित करने पर नाराजगी

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पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा, फैसले से गांववासियों के अधिकारों का हुआ हनन
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों को जारी होने वाली 15वें वित्त आयोग की राशि जल शक्ति विभाग को स्थानांतरित करने पर लोगों ने असंतोष जताया। हाल ही में जारी आदेशों के तहत पंचायतों में पड़ी राशि को जल शक्ति विभाग को स्थानांतरित करने के निर्देश देने से ग्रामीणों में रोष हैं। ग्राम पंचायत घंघरेट के प्रधान वीरेंद्र शर्मा, सूरम सिंह, विनय कुमार, मंजू देवी, अर्जुन सिंह, अनूप कुमारी, संदीप राणा, शालिनी, कुलदीप ने कहा कि यह राशि पूरी तरह ग्रामीण विकास कार्यों के लिए होती है। इसे किसी भी कीमत पर विभाग को हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायतों की आय का मुख्य स्रोत चूल्हा टैक्स (प्रति घर 50 रुपये है। यही राशि पंचायतें आपदा या आपात स्थिति में उपयोग करती हैं। लेकिन, प्रदेश सरकार ने न केवल इस फंड को वापस ले लिया, बल्कि पंचायत खातों में जमा अन्य मदों के ब्याज पर भी नजर डाल उसे भी वापस लेने का निर्णय लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि केंद्र सरकार विशेष रूप से पंचायतों की मांग पर भेजती है। इस राशि का उपयोग सीवरेज, कुओं तथा बावड़ियों की सफाई, पानी की टंकियों की मरम्मत जैसे कार्यों में किया जाता है। पंचायतें इस राशि को पहले ही जनरल इजलास में पारित कर विकास कार्यों के लिए सुनिश्चित कर चुकी होती हैं। ऐसे में इस धनराशि को जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित करना सीधा गांववासियों के अधिकारों का हनन और धोखा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने और राशि पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में ही बनाए रखने की मांग की।
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