शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने ग्यारहवीं कक्षा से उद्यमिता को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करना है ताकि वे नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें। यह नई पहल शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से लागू होगी। नगर भवन में आयोजित शुभारंभ समारोह में पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। समारोह को संबोधित करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब पहला राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में उद्यमिता को औपचारिक रूप से मुख्य विषय बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों पर परीक्षा का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं होगा लिखित परीक्षा के स्थान पर स्कूल-आधारित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य के 3,840 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 2.68 लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। यदि इन छात्रों में से केवल 10 प्रतिशत भी सफल होते हैं, तो छात्र-आधारित आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिवर्ष 300 से 400 करोड़ रुपये तक की आय अर्जित की जा सकती है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस पाठ्यक्रम की शुरुआत के साथ पंजाब की शिक्षा प्रणाली नवाचार और उद्यमिता के नए युग में प्रवेश करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम पंजाब को देश में एक मिसाल के रूप में स्थापित करेगा। इस अवसर पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह, सचिव गुरिंदर सिंह सोढ़ी, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक शिक्षक भी उपस्थित रहे।