किसान रसायन मुक्त खेती अपनाएं, सरकार हर कदम पर साथ : विवेक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता है और इसे कृषि में क्रांति के रूप में आगे बढ़ाना होगा। वे वीरवार को आत्मा परियोजना के तत्वावधान में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में ऊना जिले के सभी पांच विकास खंडों के 39 किसानों को प्राकृतिक गेहूं की सरकारी खरीद पर कुल 25.83 लाख रुपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) राशि वितरित की गई। विधायक ने बताया कि प्राकृतिक गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलो और मक्की के लिए 40 रुपये प्रति किलो एमएसपी निर्धारित है, साथ ही दो रुपये प्रति किलो परिवहन भत्ता भी दिया जा रहा है। इन निर्णयों से किसानों की आय बढ़ी है और लोग बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हुए हैं। बीते सीजन में जिले में 39 किसानों से 41.88 मीट्रिक टन प्राकृतिक गेहूं 6,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया। इसमें 200 रुपये प्रति क्विंटल परिवहन भत्ता जोड़कर कुल 25.83 लाख रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। उन्होंने चिंता जताई कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी विषैली हो रही है, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
जिले में बढ़ रहा प्राकृतिक खेती का दायरा
आत्मा परियोजना निदेशक वीरेंद्र बग्गा ने बताया कि ऊना जिले में 2,092 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती हो रही है और 16,858 किसान प्रशिक्षण लेकर इस पद्धति से जुड़े हैं। बीते सीजन में खरीदे गए 41.88 मीट्रिक टन गेहूं में अंब ब्लॉक से 4.91 मीट्रिक टन, बंगाणा से 2.35, गगरेट से 16, हरोली से 11.15 और ऊना से 7.24 मीट्रिक टन गेहूं शामिल है। इस मौके पर बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. केके भारद्वाज, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मदन मोहन सैनी, डीआरडीए परियोजना अधिकारी केएल वर्मा, आत्मा परियोजना की उपनिदेशक शामली गुप्ता तथा तनुजा कपूर उपस्थित रहीं।