मैहतपुर (ऊना)। ग्राम पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में रिमझिम फुहारों के बीच लोग मतदान के लिए घरों से निकले। सुबह 7 बजते ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे सुरक्षा कर्मियों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। निकटवर्ती ग्राम पंचायत रायपुर सहोड़ा के बूथ नंबर चार तथा पांच में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। मतदान करने वाले युवा तथा बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह 11 बजे तक कुल 3, 330 मतों में से लगभग डेढ़ हजार से अधिक मतदाताओं ने अपना मत व्यक्त कर दिया था। खास बात यह है कि दोपहर तक पुरुषों तथा महिलाओं का आंकड़ा मतदान को लेकर लगभग बराबरी पर चल रहा था। 11 बजे तक यहां पुरुष मतदाताओं की संख्या 531 रही तो वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 530 दर्ज की गई। दोपहर एक बजे तक 1,592 वोट पड़े थे, जिनमें 735 पुरुष तथा 857 महिलाओं ने मतदान किया।
मतदान के लिए कई बुजुर्ग मतदाताओं को व्हीलचेयर पर भी ले जाते देखा गया, वहीं पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। शनिवार को दूसरे चरण के मतदान में ग्राम पंचायत रायपुर सहोड़ा के साथ-साथ चताड़ा, पनोह, अजौली, टब्बा, चड़तगढ़, बटूही, त्यूडी, चलोला, समूरकलां, झम्बर, छतरपुर, खानपुर, सासन, उदयपुर, बेनीवाल नंगल सलांगड़ी तथा लमलेहड़ी में भी बारिश के बीच लोगों में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। जहां वार्ड पंच के लिए मतदान हो रहे हैं, वहां पर पांच पांच बेल्ट पेपरों पर मुहर लगाने में कई मतदाताओं को उलझन भी पैदा हुई।
व्हीलचेयर पर मतदान को आई आशा देवी ने कहा कि यही तो एक अधिकार है जो संविधान में हमें मिला है। इस अधिकार का हमें निष्पक्षता से प्रयोग करना चाहिए ताकि ग्राम पंचायत में सुयोग्य प्रतिनिधि चुनकर आगे आ सकें।
बुजुर्ग मतदाता मीत कौर ने मतदान के बाद बताया कि उन्होंने गांव के विकास के लिए अपना वोट दे दिया है, आगे जो जीतेगा वह जाने।
घुटनों के मरीज सतपाल ने कहा कि वह सहारा लेकर मतदान केंद्र तक आए हैं ताकि जो वोट का अधिकार उन्हें मिला है,वह उसका सदुपयोग कर सकें। एक-एक वोट बहुत कीमती है इसलिए वह भी बारिश के बीच वोट देने आए।
पहली बार वोट डालने आए सक्षम वासुदेव ने कहा कि वोट सबको देना चाहिए ताकि गांव के विकास में हम भी भागीदार बन सकें। पंचायत चुनाव में राजनीति से ऊपर उठकर अच्छे प्रतिनिधियों को चुनना चाहिए, तभी विकास संभव हो सकता है।