आर्थिक बाधाओं को दूर कर शिक्षा की नई राह दिखा रही इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा की नई राह खोल रही है। यह योजना उन बच्चों के लिए आशा की किरण बनी है जो पारिवारिक या सामाजिक परिस्थितियों के चलते शिक्षा से वंचित रह जाते थे। ऊना जिले में इस योजना के तहत अब तक 1106 पात्र विद्यार्थियों को 65.09 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। जिले के विभिन्न विकास खंडों अंब में 228, धुंदला में 154, ऊना में 320, गगरेट में 179 और हरोली में 225 बच्चे इस योजना में कवर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की संवेदनशील नेतृत्व शैली और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के प्रतिफल यह योजना राज्य में सामाजिक न्याय और शिक्षा सुलभता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना विशेष रूप से उन बच्चों के लिए है जिनकी माताएं विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, निराश्रित हैं या जिनके अभिभावक 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता से पीड़ित हैं। योजना में 18 वर्ष तक की आयु के पात्र बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। वहीं, उच्च शिक्षा में सहायता के तहत सरकारी संस्थानों में डिग्री, डिप्लोमा या व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वाले 18 से 27 वर्ष की आयु के छात्रों के लिए इस योजना के तहत मुफ्त शिक्षा और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में पीजी आवास के लिए 3,000 रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए और लाभार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।