ऊना। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी वीरवार को जिला ऊना में भी मनाई जाएगी। निराहार होकर महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि के लिए अहोई अष्टमी व्रत रखेंगी।
इस बार साध्य योग व गुरु पुष्य नक्षत्र के संयोग में अहोई माता की पूजा-अर्चना संतान के जीवन में चल रही समस्याओं का नाश भी करेगी। जिले में महिलाओं ने इस व्रत को लेकर तैयारियां कर ली हैं। बाजार से व्रत से संबंधित सामान की अधिकांश खरीदारी बुधवार को ही महिलाओं ने कर ली है। दिनभर बिना अन्न और जल ग्रहण किए व्रत के रखने व शाम को अहोई माता की पूजा-अर्चना तक की सामग्री भी महिलाएं बाजार से ले रही हैं।
विशेषकर कलश, अहोई माता की कथा कैलेंडर, चांदी की अहोई या धातु की मूरत आदि की खरीदारी भी की गई है। शाम के समय तारे एवं चंद्रमा के दर्शन करने के बाद महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। शीतला माता मंदिर के पुजारी पंडित जयदेव तिवारी ने बताया कि अहोई माता को मां पार्वती का रूप माना जाता है। इन्हें संतानों की रक्षा, उनकी लंबी उम्र प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। महिलाओं की कुंडली में ऐसे योग बन जाते हैं, जिससे बंध्या योग, गर्भपात से मुक्ति, संतान की असमय मृत्यु होना एवं दुष्ट संतान योग आदि सभी कुयोग समाप्त हो जाते हैं।
वहीं, अहोई व्रत के दौरान देर शाम पूजा में गन्ना एवं मूली आदि प्रयोग भी किया जाता है। व्रत के चलते बाजार में गन्ना एवं मूली के दाम में कुछ बढ़ोतरी देखी गई है। इस बार एक गन्ना 30 रुपये में मिल रहा है, जबकि मूली के दाम 50 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। कुछ रोज पूर्व यह दाम दस रुपये तक रहे हैं, जबकि बीते वर्ष के व्रत में मूली प्रति किलो 20 रुपये में मिली थी।