ऊना। जिले में डेंगू और स्क्रब टायफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को इसे लेकर विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि बीते एक सप्ताह में जिले में डेंगू के पांच और स्क्रब टायफस के आठ मामले सामने आए हैं। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इसके साथ ही जिले के सभी अस्पतालों में इस प्रकार के संभावित मरीजों के पहुंचने पर उनके एहतियातन डेंगू और स्क्रब टायफस के टेस्ट करने के लिए भी निर्देश जारी हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले बुखार से ग्रसित संभावित मरीजों के एतिहायतन डेंगू और स्क्रब टायफस के टेस्ट किए जाएंगे। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ खड़े पानी में पैदा होता है। ऐसे में लोगों से अपील की जाती है कि वह अपने आसपास पानी खड़ा न होने दें। वहीं, स्क्रब टायफस के मामले भी जिले में सामने आ रहे हैं। इस रोग की चपेट में सबसे अधिक वह लोग आते हैं, जो घास काटने के लिए खेतों आदि में जाते हैं। इस स्क्रब टायफस एक जीवाणु विशेष रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सु के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर मे प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।
डेंगू व स्क्रब टायफस के लक्षण होने पर अस्पताल पहुंचे
डेंगू और स्क्रब टायफस के लक्षण दिखने पर केमिस्ट के पास जाकर बिना चिकित्सक को दिखाए दवाई न लेें। इससे रोग बढ़ सकता है। डेंगू और स्क्रब टायफस के टेस्ट के लिए क्षेत्रीय अस्पताल के अलावा सभी नागरिक अस्पतालों में इस टेस्ट की सुविधा है। ऐसे में लोग अस्पताल में आकर ही उपचार करवाएं, ताकि अगर किसी व्यक्ति में डेंगू और स्क्रब टायफस की पुष्टि होती है, तो समय रहते उसका उपचार शुरू किया जा सके।
कोट्स
डेंगू व स्क्रब टायफस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए है। इसके अलावा इन रोगों से संभावित मरीजों के एहतियातन टेस्ट करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
डाॅ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ऊना