ऊना कालेज में भूख हड़ताल पर बैठे एबीवीपी कार्यकर्ता।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ऊना ने रूसा के विरोध में अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वीरवार को एबीवीपी कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों का भी समर्थन मिल रहा है।
एबीवीपी ने एलान किया है कि जब तक विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य को देखते हुए ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इकाई अध्यक्ष सौरभ डोगरा और सचिव कामेश ने बताया कि प्रदेश में 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। प्रदेश भर में हजारों छात्र-छात्राएं प्रथम सेमेस्टर में फेल हुए हैं, जिसके लिए विश्वविद्यालय जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी रूसा सिस्टम का शुरू से ही विरोध कर रही है, जिसका खामियाजा आज विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन को छात्रों के साथ खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है।
रूसा से छात्र ही नहीं, बल्कि अध्यापक भी परेशान हैं। एबीवीपी मांग करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रथम सेमेस्टर बीए, बीकॉम, बीएससी का परीक्षा परिणाम दुरुस्त कर दोबारा घोषित किया जाए। एबीवीपी का आरोप है कि घटिया परीक्षा परिणाम के चलते विद्यार्थी आत्महत्या करने को मजबूर हो गए हैं। इस अवसर पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं कामेश, अभिनीत, अमित, प्रीति, प्रिया, पूजा, ज्योति, दिया, मोनिका, बबलू, पारस आदि उपस्थित रहे। वहीं, कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसके चावला ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों को शीघ्र उचित कार्रवाई अमल में लाए जाने का आश्वासन दिया है।