ऊना। नगर परिषद ऊना शहर से इलेक्ट्रानिक कचरे को उठाने में नाकाम साबित हो रही है। नगर परिषद ने लगभग दो महीने पहले सप्ताह में दो दिन डोर टू डोर ई-कचरा उठाने का निर्णय लिया था। मगर अभी तक यह निर्णय धरातल पर नहीं उतर सका है। इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अब यह योजना चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और आचार संहिता हटने के बाद ही शुरू हो पाएगी।
नगर परिषद के इस फैसले के बाद शहर के लोगों में भी इलेक्ट्रानिक कचरे के घर बाहर निकलने की उम्मीद जगी थी। योजना के योजना सिरे न चढ़ने से लोगों घरों से ई-वेस्ट उठाने के लिए के लिए सफाई कर्मचारियों के आने का इंतजार कर रहे हैं। ई-वेस्ट में शहर के लोग अपने घर के टूटे-फूटे और खराब टीवी, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और अन्य चीजों को सफाई कर्मचारियों को दे सकते हैं।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की ओर से शहर के गीले और सूखे कूड़े को एकत्रित कर रामपुर स्थित डंप साइट पर फेंका जा रहा है। जहां पर निजी कंपनी के माध्यम से कूड़ा का निष्पादन किया जा रहा है। उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने कहा कि शहर में लोगों की ई-वेस्ट की समस्या के समाधान के लिए योजना बनाई गई है। अब आचार संहिता हटने के बाद ही यह व्यवस्था लागू होगी।