शिव मंदिर रायपुर सहोडां में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया श्रीराधा-कृष्ण मंदिर का स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। शिव मंदिर रायपुर सहोडां में श्रीराधा-कृष्ण मंदिर का मूर्ति स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर संत बाबा बाल जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिरों में स्थापित प्रतिमाएं केवल पत्थर की मूर्तियां नहीं रहतीं, बल्कि उनमें साक्षात भगवान का वास हो जाता है। उन्होंने कहा कि विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा होने पर प्रतिमा में दिव्य चेतना का संचार होता है और वह भगवान का स्वरूप धारण कर लेती है।
बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि इस प्राचीन मंदिर से उनका विशेष लगाव है और यहां के श्रद्धालु उनके परिवार की तरह हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं को सामान्य मूर्ति न मानकर श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का स्वरूप मानने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में भी कई राजा-महाराजाओं ने प्राण प्रतिष्ठा की शक्ति को परखने के लिए विद्वान ब्राह्मणों की परीक्षाएं ली थीं। कुछ लोग यह मानते थे कि पत्थर की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा से कोई परिवर्तन नहीं आता, लेकिन भगवान ने हमेशा अपने भक्तों की आस्था और विश्वास की रक्षा की है।
बाबा बाल ने कहा कि जिन लोगों का अपने गुरु और आराध्य पर अटूट विश्वास होता है, भगवान कभी उनका विश्वास नहीं तोड़ते। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का वर्णन करते हुए एक पहाड़ी भजन भी प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।