मैड़ी में मेले के लिए सजी दुकानों के बाहर से अतिकम्रण हटवाते अधिकारी।
अंब(ऊना)। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डेरा बाबा वड़भाग सिंह मैड़ी में 24 फरवरी से शुरू होने वाले होली मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को एसडीएम और डीएसपी अंब ने प्रशासनिक टीम के साथ मेला परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान मेला क्षेत्र में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को मौके पर ही हटवाया गया और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें लगाएं ताकि आवाजाही में कोई बाधा न आए।
एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने बताया कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसकी कमान एडीसी और एएसपी ऊना संभालेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के लिए 850 पुलिस जवान, 125 महिला पुलिस कर्मी और 750 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस बार ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और टेंपो जैसे मालवाहक वाहनों में यात्रियों के आने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। जिला की सीमाओं पर ही ऐसे वाहनों को रोक दिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी द्वारा विशेष बसें चलाई जाएंगी और नैहरियां से मैड़ी के बीच 100 टैक्सियों को विशेष परमिट दिए जाएंगे। स्थानीय स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए भी दो विशेष बसों का प्रबंध किया गया है। मेले के दौरान मोबाइल नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए संबंधित कंपनियों को सिग्नल बूस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जगह-जगह मेडिकल पोस्ट और एंबुलेंस तैनात रहेंगी। मेले के मुख्य आयोजनों में 3 मार्च को झंडा चढ़ाने की रस्म और 5 मार्च की रात को पंजा प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस बार सड़क किनारे लंगर लगाने पर रोक लगाई गई है। लंगर लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय से अनुमति लेना और सुरक्षा राशि जमा करना अनिवार्य होगा। सफाई व्यवस्था का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल को सौंपा गया है और सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए समय और आवाज की सीमा भी निर्धारित की गई है ताकि मेले का वातावरण शांतिपूर्ण बना रहे।