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Una News: न्यूनतम बिक्री मूल्य से कम कीमत पर शराब बेचने का आरोप

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ऊना समेत कांगड़ा जिले के शराब के ठेकों पर पड़ रहा असर
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बैठक कर बीयर बार मालिकों की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
विभागीय अधिकारी बोले, लिखित में दो शिकायत, होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी

गगरेट (ऊना)। हिमाचल-पंजाब की सीमा पर स्थित शराब के ठेके पर न्यूनतम बिक्री मूल्य से भी कम दाम पर शराब की बिक्री हो रही है। इससे जिला ऊना सहित कांगड़ा जिले के शराब के ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। महंगे दाम पर ठेके लेने वाले ठेकेदारों का कहना है कि तय कोटे के अनुरूप शराब की बिक्री न होने की सूरत में अगर वे फीस जमा करवाने में नाकाम रहे तो विभाग उन्हें डिफाल्टर घोषित कर देगा। इसी के चलते नियमों को दरकिनार कर शराब बेचने वाले ठेकेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को शराब के ठेकेदारों ने यहां बैठक कर सवाल किया कि मिनिमम सेल प्राइज से कम दाम में शराब बेचने पर कार्रवाई नहीं हो रही। रविवार को मुबारिकपुर सर्कल के ठेकेदार नरेश कुमार, क्योड़ी सर्कल के ठेकेदार पवन कुमार, चलेट सर्कल के ठेकेदार जाकिर हुसैन, बडूही सर्कल के ठेकेदार गगनदीप डोगरा, अंब सर्कल के ठेकेदार सोनू कुमार, भरवाईं सर्कल के ठेकेदार राकेश कुमार व नैहरियां सर्कल के ठेकेदार विनोद कुमार ने कहा कि शराब के ठेकों की नीलामी करके आबकारी विभाग तो करोड़ों रुपये कमाकर सरकार का खजाना भरा है लेकिन इसके लिए क्या आबकारी विभाग की कोई ऐसी प्लानिंग है कि एक ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए अन्य ठेकेदारों को मार दिया जाए। अभी चालू वित्त वर्ष 2025-26 के ठेकों की नीलामी के बाद शराब की दुकानों पर बिक्री शुरू हुए एक सप्ताह भी नहीं हुआ लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र के एक शराब के ठेके पर शराब की खुली सेल लगा दी गई है। आबकारी नीति के अनुसार शराब की बोतल न तो एमआरपी से अधिक दाम पर बेची जा सकती है और न ही एमएसपी से कम कीमत पर बेची जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार एमएसपी से कम कीमत पर शराब बेच रहे हैं। वे शराब कहां से ला रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि शराब के ठेकों पर पंजाब में शराब भरवा कर यहां बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि न तो अभी तक शराब का काला कारोबार करने वालों पर कोई कार्रवाई हो रही है और न ही बीयर बार का लाइसेंस लेकर बोतल की सीधी सेल करने वालों पर कोई कार्रवाई हो रही है। अगर आबकारी विभाग ने इस पर उचित कार्रवाई न की तो ऐसा न हो कि अगली बार जिला ऊना की शराब की दुकानों की नीलामी में कोई ठेकेदार भाग ही न ले। उधर, आबकारी विभाग के उपायुक्त टिक्कम सिंह का कहना है कि अगर कोई आपत्ति है तो इसकी लिखित शिकायत की जाए। विभाग नियमों की अनुपालना न करने वालों के साथ सख्ती से पेश आएगा।
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