ऊना। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऊना महाविद्यालय में बीबीए और बीसीए की प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। एबीवीपी का आरोप है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश प्रक्रिया में भ्रष्टाचार किया है। इसके खिलाफ एबीवीपी पिछले पांच महीनों से आवाज उठा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऊना इकाई ने इसको लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ऊना को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग की है। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष इशांत रायजादा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद पिछले पांच महीनों से महाविद्यालय प्रबंधन पर बीबीए और बीसीए की प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग चैन की नींद सोया है। ऊना महाविद्यालय प्राचार्य और प्रबंधन भी मौन धारण किए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा आरटीआई का जवाब पांच महीने तक नहीं दिया गया। मगर जब आईटीआई का जवाब मिला और प्राचार्य से बातचीत की तो यह बोल कर बात को टाल दिया जाता है कि इसमें कोई घोटाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य और प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मामले की न्यायपूर्ण जांच तक चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। प्राचार्य को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफे देना चाहिए। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इस सारे मामले के लिए एक जांच कमेटी का गठन किया जाएगा।