अभिनव का घर पहुंचने पर स्वागत करते। स्रोत आयोजक
बाबा नांगा के समाधि स्थल पर माथा टेककर लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतोषगढ़ (ऊना)। बचपन में कागज के जहाज उड़ाने वाले अभिनव मिश्रा भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। अभिनव की इस उपलब्धि ने हिमाचल प्रदेश सहित संतोषगढ़ नगर और जिला ऊना का नाम रोशन किया है। संतोषगढ़ के वार्ड नंबर पांच के निवासी स्वर्गीय रामेश्वर दास मिश्रा का पोता अभिनव मिश्रा भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन कर रविवार को अपने नगर संतोषगढ़ में लौटा है। परिजनों सहित नगरवासियों ने संतोषगढ़ पहुंचने पर अभिनव मिश्रा का जोरदार स्वागत किया और ग्राम देवता बाबा नांगा के समाधि स्थल पर जाकर माथा टेक कर आशीर्वाद लिया। अभिनव मिश्रा के पिता बीएसएनएल में एजीएम के पद पर कार्यरत हैं और माता नंगल के बीबीएमबी डीएवी स्कूल में लेक्चरर हैं। अभिनव ने 10वीं कक्षा तक बीबीएमबी के डीएवी नंगल से पढ़ाई की और फिर महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीट्यूट मोहाली से एनडीए और एसएसबी की ट्रेनिंग लेकर एनडीए का एग्जाम पास किया और खडकवासला पुणे में भारतीय वायु सेना में प्रशिक्षण के लिए प्रवेश किया। 14 जून को एयरफोर्स अकादमी, डुंडीगल (हैदराबाद) से फ्लाइंग प्रशिक्षण पास करके अभिनव मिश्रा फ्लाइंग ऑफिसर बन गए। उन्होंने कहा कि घर से दूर रह कर, बिना मोबाइल का इस्तेमाल किए शैक्षिक पढ़ाई के साथ शारीरिक परीक्षण और इतनी कड़ी मेहनत के बाद ही ये सब संभव हुआ है, जो कि सभी बच्चों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा की बात है।