तीन दिवसीय पदयात्रा में पिता मुकेश अग्निहोत्री भी रहेंगे साथ, कल पहुंचेंगी मां के मंदिर
हरोली क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लोगों ने किया यात्रा का स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वर्गीय प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की अधूरी इच्छा को संकल्प बनाकर उनकी बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री अपने पिता प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ माता चिंतपूर्णी का आशीर्वाद लेने हरोली से पैदल यात्रा पर निकलीं। गुड फ्राइडे के दिन उन्होंने गोंदपुर जयचंद में अपने निवास से सुबह करीब आठ बजे चिंतपूर्णी मंदिर के लिए करीब 70 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा आरंभ की। तीन दिवसीय इस यात्रा में शुक्रवार को पहला ठहराव गांव खड्ड में, दूसरे दिन मुबारिकपुर में और तीसरे दिन यानी रविवार को यात्रा चिंतपूर्णी दरबार पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान आस्था अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी मां प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की मां चिंतपूर्णी के प्रति अथाह आस्था थी। वह अपनी श्रद्धा और खुशी के साथ मां के दरबार जाती थीं। आस्था ने कहा कि वह अपनी मां के लिए मोक्ष की कामना करने चिंतपूर्णी दरबार जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मां की अंतिम इच्छा थी कि मां चिंतपूर्णी का जगराता करवाया जाए। उनकी यह इच्छा अधूरी ही रह गई, लेकिन वह अपनी मां के लिए पैदल माता चिंतपूर्णी के दर्शन करने जा रहे हैं, बेशक यह गम की घड़ी है।
मां की अधूरी इच्छा को करेंगी पूरा
ध्यान रहे कि प्रो. सिम्मी माता चिंतपूर्णी की अनन्य भक्त थीं। अपने पति उपमुख्यमंत्री की हर चुनावी जीत के बाद वह घर से पैदल माता के दरबार माथा टेकने जाती थीं। उन्होंने 12 फरवरी को हरोली में अपने घर पर माता चिंतपूर्णी का जगराता रखा था। इसी सिलसिले में हेग अकादमी ऑफ लॉ से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहीं उनकी इकलौती बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी घर आई थीं। मगर दुर्भाग्य से जगराते से दो दिन पहले फरवरी महीने की नौ फरवरी को सिम्मी का अकस्मात निधन हो गया। उनकी अधूरी इच्छा को अपनी प्रेरणा बनाकर उनकी बेटी डॉ. आस्था अपने पिता के साथ पैदल यात्रा पर निकली हैं।