गगरेट (ऊना)। गर्भावस्था के अंतिम चरण में न्याय के लिए शिमला पहुंचना एक महिला के लिए मुश्किल था। ऐसे में हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने उसकी परेशानी को ध्यान में रखते हुए गगरेट में ही विशेष सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष के निर्देशानुसार सदस्य सरोज शर्मा ने वीरवार को एसडीएम कोर्ट गगरेट में महिला की शिकायत पर सुनवाई की। इस दौरान महिला के पति को प्रसव तक का खर्च वहन करने और मौसम के अनुसार जरूरी कपड़े उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया, जिस पर पति ने सहमति जताई।
जानकारी के अनुसार, महिला की शिकायत पहले से ही राज्य महिला आयोग के पास विचाराधीन है। गर्भावस्था का नौवां महीना चलने के कारण महिला ने आयोग के समक्ष शिमला पहुंचने में असमर्थता जताई थी। उसने आग्रह किया था कि उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए मामले की सुनवाई किसी नजदीकी स्थान पर की जाए। महिला की समस्या को ध्यान में रखते हुए आयोग ने गगरेट में विशेष सुनवाई आयोजित करने का निर्णय लिया ताकि उसे लंबी यात्रा की परेशानी से न गुजरना पड़े।
सुनवाई के दौरान महिला की मौजूदा परिस्थितियों और प्रसव से पहले उसकी जरूरतों को ध्यान में रखा गया। महिला के पति को मौसम के अनुसार जरूरी कपड़े उपलब्ध करवाने और बच्चे के जन्म तक होने वाले खर्च की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। पति ने इन बातों पर सहमति जताई। महिला आयोग की सदस्य सरोज शर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत आयोग के पास विचाराधीन है। गर्भावस्था के नौवें महीने में होने के कारण महिला ने शिमला पहुंचने में असमर्थता जताई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला की शिकायत पर आगे की कार्रवाई राज्य महिला आयोग की प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। सुनवाई के दौरान गगरेट पुलिस थाना की ओर से सब-इंस्पेक्टर रणवीर भी मौजूद रहे।