जालंधर के श्रद्धालु ने सजाया मां चिंतपूर्णी का दरबार
सावन अष्टमी मेला शुरू, लाखों श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचकर होते हैं नतमस्तक
प्रशासन ने मेले के लिहाज से व्यवस्थाएं बनाईं
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता चिंतपूर्णी मंदिर में शुक्रवार 25 जुलाई से सावन अष्टमी मेले का शुभारंभ हो गया है। यह मेला 2 अगस्त तक चलेगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर को इस अवसर पर रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। बंगलूरू के फूलों से दरबार का शृंगार किया है। जालंधर के श्रद्धालु अविनाश कपूर ने मां का दरबार सजाने के लिए बंगलूरू से विशेष फूल मंगवाए हैं, जिनसे मंदिर दिन-रात जगमगा रहा है। श्रद्धालु इस भव्य सजावट के बीच फोटोशूट और सेल्फी लेते भी नजर आ रहे हैं। मेले के लिए मंदिर न्यास की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेले को 10 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर अधिकारी और एक पुलिस अधिकारी नियुक्त रहेगा। हर सेक्टर से दिन में तीन बार फीडबैक लिया जाएगा ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनी रहें। एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जोड़ा गया है, जिससे पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। सफाई व्यवस्था के लिए 95 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। लंगर स्थलों और मंदिर परिसर की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंदिर न्यास के लंगर भवन में सुबह, दोपहर और शाम को भोजन की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं को हलवे का प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से 70 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहेंगे।
दर्शन की व्यवस्था
सुगम दर्शन प्रणाली के तहत 500 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाएगा। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए 100 रुपये का पास उपलब्ध होगा, जिसमें एक सहायक भी जा सकेगा। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि मेले की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
बाजार और लंगर संस्थाएं भी सक्रिय
चिंतपूर्णी से भरवाईं तक बाहरी राज्यों से आए दुकानदारों ने दुकानें सजा ली हैं। वीरवार से ही श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। लंगर संस्थाएं भी मां के दरबार में पहुंच चुकी हैं। एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर को इस मेले का मेलाधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान आने वाले वीआईपी श्रद्धालुओं को तलवाड़ा बाईपास से मंदिर तक लाया जाएगा।