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फाल्ट ने छुड़ाए आईपीएच के पसीने

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ऊना। शहर में औजार लेकर घूम रही आईपीएच विभाग की टीमें फाल्ट ढूंढते हुए पसीने से तर हो गई हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। लाइन में फाल्ट के चलते लोगों के घरों की छतों पर रखी टंकियों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और कई जगह पर पानी सड़कों पर व्यर्थ में बह रहा है। आईपीएच महकमे की टीमें लाइन में फाल्ट ढूंढ रही हैं। विभाग का कहना कि लाइन में फाल्ट ही टंकियों तक पानी न पहुुंच पाने की मुख्य वजह है। उधर, लोनिवि को भी पेयजल किल्लत के लिए उत्तरदायी माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि लोनिवि ने रोड प्रोजेक्ट के चलते कई जगह सड़कें खोद दी हैं और शहर में बिछाई गई पाइप लाइनाें को तहस नहस कर दिया गया है। इस कारण शहर पेयजल की समस्या से जूझ रहा है। नाम न छापने की शर्त पर शहर में फाल्ट ढूंढ रहे आईपीएच महकमे के कर्मचारियों ने कहा कि अधिकारी तो कार्यालयों में बैठकर निर्देश जारी कर देते हैं, लेकिन वस्तुस्थिति का उन्हें ज्ञान नहीं होता। पेयजल किल्लत के पीछे फील्ड में मुख्य वजह कुछ और भी है। शहरवासी नरेंद्र कुमार, राजीव शर्मा, देवेश, कनिका ठाकुर, गुरविंद्र कौर, चरण दास, कमला, सुरेखा कुमारी, गुड्डी देवी, अंजलि शर्मा, दिव्यांश, गौरव, भारत भूषण, बॉबी, सुशील व नंद लाल आदि ने कहा कि टंकियों तक पानी न पहुंचने से शहर में पेयजल किल्लत चल रही है, जबकि आईपीएच के कर्मचारी कई दिनों से फाल्ट ही ढूंढ रहे हैं। भारत भूषण और गुड्डी देवी ने कहा कि उनके घरों में आईपीएच के कर्मचारी तीन बार आए तथा घर के आसपास पूरी लाइन चैक की। फिर भी वे इस बात का पता नहीं लगा सके कि डेढ़ माह से उनके घरों की छतों पर रखी टंकियों तक पानी क्याें नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह सड़क ों पर बह रहे पेयजल के लिए लोनिवि रोड प्रोजेक्ट भी उत्तरदायी है। उधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ नरेश धीमान ने कहा कि पेयजल की समस्या के समाधान को प्रयास तेज कर दिए गए हैं। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।
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