दौलतपुर चौक(ऊना)। नगर पंचायत दौलतपुर चौक के वार्ड नंबर एक में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पंडित गोपाल स्वरूप शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला का सुंदर वर्णन किया और उनकी माखन चोरी की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण के घर गायों की कोई कमी नहीं थीं और न ही माखन की कोई कमी। इसके बावजूद गोपियों के अटूट प्रेम के चलते भगवान श्रीकृष्ण माखन चोर कहलाए।
महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने जब यशोदा मां को माटी खाने के बहाने मुख में ब्रह्मांड का दर्शन कराया। उसके बाद यशोदा को अहसास हो गया कि उनका लला कोई साधारण नहीं बल्कि परम ब्रह्म अवतार हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म का समाचार मिलते ही कंस बौखला गया। उसने अपने सेनापतियों को आदेश दिया कि पूरे राज्य में दस दिन के अंदर पैदा हुए सभी बच्चों का वध कर दिया जाए।
इधर नंद बाबा के घर कृष्ण जन्म के उपलक्ष्य में लगातार उत्सव मनाया जा रहा था। अभी कृष्ण केवल छह दिन के ही हुए थे कि कंस ने पूतना नाम की राक्षसी को भेजा। पूतना अपने स्तनों में जहर लगाकर बालक कृष्ण को पिलाने के लिए मनोहारी स्त्री का रूप धारण कर आई। अंतर्यामी कृष्ण क्रोध से उसके प्राण सहित दूध पीने लगे और तब तक नहीं छोड़ा जब तक कि पूतना के प्राण पखेरू उड़ नहीं गए। आयोजक संतोष शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को भागवत कथा में गोवर्धन पूजा के छप्पन भोग और श्री कृष्ण-रुकमणि जी के विवाह के प्रसंग का वर्णन होगा।