ऊना।
ऊना के पवन कपिला ने अपने शरीर को दान करने का फैसला लेकर मिसाल पेश की है। पवन कपिला को टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा से भी स्वीकृति मिल गई है। ऊना शहर के वार्ड-6 में रहने वाले पवन कपिला सब्जी मंडी में एक दुकान चलाते हैं। घर में पवन कपिला के अलावा पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। पवन कपिला ने बताया कि मन में एक विचार आया कि जीते जी मेरा शरीर किसी के काम नहीं आ सकता तो मरने के बाद तो आ सकता है।
उन्होंने कहा कि शरीर छूटने के बाद शरीर के काम आने वाले अंग आंखें, गुर्दे, ब्रेन पार्ट सहित अन्य अंग जरूरतमंद लोगों की जान बचाने के काम आएं, यही सोच है। इसी सोच को लेकर देह दान करने का फैसला लिया और 19 मार्च को सभी औपचारिकताएं पूरी कर फार्म भरे। कपिला ने बताया कि 27 मार्च को मिले जवाब में उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में देह दान की अनुमति मिल गई। उन्होंने कहा कि अपने लिए गए फैसले पर खुशी है। इस फैसले में परिवार भी साथ है। ऊना जनहित मोर्चा के चेयरमैन हरिओम गुप्ता ने कहा कि पवन कपिला का मरणोपरांत देह दान का फैसला सराहनीय है। निश्चित रूप से उनका यह कदम लोगों को इस पुनीत काम के लिए प्रेरित करेगा।