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गुड़िया प्रकरण पर भाजपा ने घेरी प्रदेश सरकार

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ऊना। कोटखाई में हुए गुड़िया प्रकरण में सीबीआई द्वारा पुलिस अधिकारियों को हिरासत में लेने के बाद जिला भाजपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना गुबार निकाला। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि गुड़िया प्रकरण पर वीरभद्र सिंह ने प्रदेश का नाम कलंकित कर दिया है। सत्ती शुक्रवार को एमसी पार्क ऊना के बाहर दिए गए धरने को संबोधित कर रहे थे। धरने में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर, विधायक वीरेंद्र कंवर, जिला भाजपा अध्यक्ष बलवीर बग्गा, पूर्व विधायक बलवीर चौधरी, प्रो. राम कुमार, सुशील कालिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। सत्ती ने कहा कि प्रदेश के लिए शर्म की बात है कि पहली बार पुलिस को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है, जिससे साफ हो गया है कि गुड़िया मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि कौन राजनेता पुलिस को निर्देश देने में शामिल रहा है, इस पर से भी पर्दा उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुड़िया को न्याय देने में कांग्रेस सरकार की नियत खराब है। सीबीआई ने सूरज की मौत पर पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में नैतिकता दिखाते हुए त्याग पत्र देना चाहिए। वहीं डीजीपी को भी पुलिस द्वारा की गई गलत जांच का जिम्मा लेते हुए पद छोड़ना चाहिए। सत्ती ने कहा कि वीरभद्र सिंह ब्लैकमेल की राजनीति कांग्रेस के अंदर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में फ्री हैंड मिले या नहीं, लेकिन माफिया में संरक्षण में फ्री हैंड मिला हुआ है।
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फेसबुक पर लोड फोटो किसके इशारे पर हटाए: अनुराग
धरने को संबोधित करते हुए सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री हैं या ष्डयंत्र मंत्री हैं, इसका फैसला जनता करेगी। उन्होंने कहा कि गुड़िया प्रकरण में जनता ने आवाज उठाकर सरकार की पोल खोली है। कोटखाई की जनता ने साहस दिखाकर सच की आवाज को बुलंद किया है। अनुराग ने कहा कि सत्ता पक्ष जहां दोषियों को बचाने में लगा है, विपक्ष ने इस मामले में सच पर से पर्दा उठाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाई है। सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सवाल करते हुए पूछा कि कोटखाई मामले में फेसबुक पर किसने फोटो अपलोड किए और किसके इशारे पर हटाए गए। वे फोटो मुख्यमंत्री कार्यालय में किसने पहुंचाए। वह कौन शख्स है जिनको बचाने का प्रयास किया गया? आखिर एसआईटी ने किसके इशारे पर गलत मामले दर्ज किए? इतना ही नहीं सीएम इसका भी जवाब दें कि उनकी धर्मपत्नी जब गुड़िया के परिजनों से मिलने गईं तो सीबीआई जांच न मांगने के लिए क्यों दबाव डाला? आखिर किसको को बचाने का प्रयास किया गया? अनुराग ने कहा कि भाजपा ने सीबीआई की मांग की जिसकी बदौलत आज मामले पर से परतें उठ रही हैं।
इस अवसर पर रमेश भड़ौलिया, संतोष सैनी, यशपाल राणा, विजय चौधरी, सुमित शर्मा, राजन सहोड़, राजीव कालिया, बलराम बबलू, लखवीर लक्खी, अजय चौधरी, अनुराधा ऐरी, सागर दत्त भारद्वाज, जसविंदर गोगा, पवन ठाकुर, खामोश जैतिक, गोल्डी चौहान, मोहित बेदी, दविंद्र कौशल, अमरेल सिंह, अवतार सिंह, नवदीप ठाकुर, रामपाल ठाकुर, मनोज, राजेश, विवेक, स्वराज, शक्ति देवी, चंचला कुमारी, मनमोहन शारदा, डा. शाम मिन्हास, विनोद जोशी, साहिल सेखड़ी, राज कुमार पठानिया, सुरजीत सैणी, प्राण नाथ, नरेश ठाकुर, रमेश हीर, सुमन कुमार, राहुल ठाकुर, रजत ठाकुर एवं विकास शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
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