वर्षा जल संग्रहण टैंकों में भरा जा रहा पेयजल
आईपीएच विभाग से निरीक्षण की उठाई मांग
बंगाणा में मनरेगा के तहत बनाए गए हैं टैंक
अमर उजाला ब्यूरो
जोल (ऊना)। बंगाणा उपमंडल में मनरेगा के तहत वर्षा जल संग्रहण के लिए तैयार किए गए 254 टैंकों का आईपीएच विभाग निरीक्षण भी नहीं कर पाया है। आलम यह है कि विभाग ने टैंकों का निर्माण तो बारिश का पानी एकत्रित करने के लिए किया, लेकिन कुछेक लोग इन टैंकों में पेयजल एकत्रित करने में लगे हुए हैं, जिसे बाद में खेतों में छोड़ा जा रहा है। इससे क्षेत्र में पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। क्षेत्र में 254 से अधिक वर्षा जल संग्रहण टैंकों का निर्माण किया गया। इससे पहले भी मनरेगा या अन्य बजट के माध्यम से कई जल संग्रहण टैंकों का निर्माण हो चुका है। इनमें घरों की छत से वर्षा के पानी डालने की बजाय नलों के पेयजल को स्टोर किया जा रहा है, जबकि सरकार ने वर्षा जल व्यर्थ बहने से रोकने के लिए घरों की छत के पानी को इकट्ठा करने के लिए जल संग्रहण टैंकों का निर्माण के लिए योजना तैयार की है। इस योजना का कई उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया है लेकिन अधिकतर उपभोक्ता इन टैंकों में वर्षा का पानी स्टोर करने की बजाय पेयजल योजना के पानी को स्टोर कर रहे हैं। कई उपभोक्ता पाइप लाइन को टुल्लू पंप से जोड़कर इन टैंकों को भर रहे हैं। यह जल संग्रहण टैंक काफी बड़े हैं तथा इसमें हजारों लीटर पानी जमा हो सकता है। इस पानी को सब्जियों की सिंचाई के लिए खर्च किया जा रहा है, जो गैर कानूनी है। स्थानीय लोगों ने जल संग्रहण टैंकों का निरीक्षण करने तथा पेयजल का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, इस संबंध में बीडीओ सोनू गोयल ने कहा कि मनरेगा के तहत वर्षा जल संग्रहण के लिए करीब 338 आवेदन पिछले तीन वर्षों में आए हैं। इनमें से 254 जल संग्रहण टैंकों का निर्माण करवाया गया है। वहीं आईपीएच विभाग के एक्सईएन ऊना अरविंद सूद का कहना है कि वर्षा जल संग्रहण टैंकों में पेयजल को स्टोर नहीं किया जा सकता है। विभाग ऐसे स्थानों का निरीक्षण करेगा तथा जल का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।