ऊना/दौलतपुर चौक। जिला ऊना में निजी प्रेक्टिस कर रहे डॉक्टरों ने ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर काला दिवस मनाते हुए ओपीडी बंद रखी। जिला ऊना आईएमए इकाई ने सुबह से शाम तक रूटीन की ओपीडी में रोगियों को नहीं देखा, जबकि आपातकालीन सेवा जारी रही।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एसके नंदा ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय मेडिकल आयोग का बिल ला रही है जिसका राष्ट्रीय स्तर पर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चिकित्सकों के हितों की रक्षा करे न कि चिकित्सकों को दबाव में लाने का काम करे। उन्होंने कहा कि इस बिल से जनता को भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने पेशे में पूरी तरह से रोगियों की सेवा के लिए कृतसंकल्प हैं।
उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है तानाशाह नहीं, ऐसे में सरकार को चिकित्सक पक्ष को बुलाकर उनका मत भी सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक हरसंभव सहयोग सरकार को देने के लिए तैयार हैं और स्वयं चिकित्सकों ने सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने एक दिन की हड़ताल के लिए सभी चिकित्सकों के सहयोग पर आभार जताया। डॉ. राकेश अग्निहोत्री, डॉ. जगदीश्वर कंवर ने कहा कि चिकित्सक अपने मत को लोकतांत्रिक ढंग से सरकार के समक्ष रख रहे हैं। सरकार को भी चिकित्सकों के पक्ष को सुनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि काले कानून को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पीएल नंदा, डॉ. आशीष, डॉ. जसवाल, डॉ. रितेश सोनी सहित अन्य उपस्थित रहे। दौलतपुर चौक में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक डॉक्टरों ने आपातकालीन के अलावा सभी सेवाएं बंद रखीं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के निजी अस्पताल संचालक एवं आईएमए सदस्य डॉ. आशीष लेखी ने बताया कि यह बंद आईएमए की कॉल पर किया गया है। कहा कि यह बिल आता है तो इससे इलाज बहुत महंगा हो जाएगा।