ऊना। नए साल में लोगों को कई परियोजनाओं के पूरे होने की उम्मीदें हैं। साल 2018 में लोगों को प्रदेश की नई सरकार से ढेरों उम्मीदें हैं। वहीं कई ऐसी परियोजनाएं भी हैं, जो 2017 से लगातार जारी हैं और 2018 में जनता को समर्पित होनी हैं। इनमें प्रमुख रूप से पेखूबेला में करीब 507 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का डिपो, करोड़ों की लागत से बन रहा प्रदेश का सबसे लंबा रामपुर-हरोली पुल, जिला मुख्यालय पर बन रहा आधुनिक बस अड्डा और क्षेत्रीय अस्पताल में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत का मदर-चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर शामिल है।
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से घोषित पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर बनने में करीब दो से तीन साल का समय लगेगा। लेकिन, इसकी ओपीडी को ऊना अस्पताल में शुरू करने की पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में कसरत शुरू कर दी गई थी। आचार संहिता लागू होने के चलते यह मामला अधर में लटक गया था। अब नए साल में इस ओपीडी के शुरू होने पर सबकी निगाहें लगी हैं। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं स्थानीय लोगों को मिल सकेंगी।
2018 में जनता को सुपुर्द होने वाली परियोजनाओं में ऊना का बस स्टैंड और हरोली-रामपुर का पुल मुख्य है। आधुनिक तकनीकों से लैस ऊना के बस स्टैंड के निर्माण से शहर में काफी तबदीलियां होंगी। वहीं रामपुर हरोली पुल के निर्माण से ऊना और हरोली की दूरी भी काफी कम हो जाएगी। आईओसी का डिपो भी काफी महत्वाकांक्षी योजना है जिसके शुरू होने से जहां प्रदेश भर में पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई ऊना से होगी, वहीं सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और स्वरोजगार के भी अवसर मिलेंगे। वहीं स्थानीय लोगों अमित, विकास शर्मा, आकाश कुमार, अमित शर्मा, साहिल ने कहा ने नए साल में उन्हें प्रदेश में बनी नई सरकार से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिना भेदभाव से काम हो और नई योजनाओं को तेजी से धरातल पर लाकर लोगों को लाभ पहुंचाया जाए।