ऊना। उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि टीच ऊना कार्यक्रम के तहत जिले के चुनिंदा प्राथमिक स्कूलों को बतौर आदर्श विद्यालय विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में छह प्राथमिक शिक्षा खंड हैं। प्रत्येक शिक्षा खंड से कम से कम एक-एक स्कूल को टीच ऊना योजना के माध्यम से बतौर आदर्श विद्यालय विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चयनित स्कूलों में बच्चों को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 20 से 25 लाख रुपये तक की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में टीच ऊना के तहत आदर्श प्राथमिक स्कूलों के चयन के लिए आज से प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए ऊना के पास लाल सिंगी प्राथमिक स्कूलों का दौरा किया गया। इस दौरान स्कूल में उपलब्ध मूलभूत ढांचे, खेल का मैदान, शौचालय आदि सुविधाओं के अलावा बच्चों की संख्या को भी देखा गया।
उन्होंने बताया कि जिला में जल्द ही ऐसे स्कूलों का चयन कर लिया जाएगा, जहां बच्चों को निजी स्कूलों की तरह तमाम आधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी। उन्होंने कहा कि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बतौर आदर्श विद्यालय विकसित करने का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर तमाम आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाना है ताकि ग्रामीण बच्चे भी सुविधाओं के अभाव में पीछे न रहें। उपायुक्त ने दौरे के दौरान स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे मील की भी जांच की। वे बच्चों से भी रू-ब-रू हुए। इस मौके पर एडीसी अरिंदम चौधरी तथा प्रधानाचार्य डाइट कमलदीप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।