अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
दो दिन से लगातार बरसे मेघों के कारण किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं सूखी ठंड से लोगों को पेश आ रही परेशानियों से पूरी तरह निजात मिली है। रबी फसलों के सीजन की शुरुआत से पहले इस दफा बारिश नहीं होने का दुख किसानों के चेहरों पर साफ देखा जा रहा था, वहीं रबी फसलों की बिजाई के बाद भी जिले में बारिश न होना चिंता का सबब बनता जा रहा था। सुबह से शुरू हुई बूंदाबांदी ने किसानों के लिए उम्मीद की किरण जगा दी।
दोपहर होते होते लगातार हो रही हल्की बूंदाबांदी तेज हो गई। इसे रबी फसलों के लिए वरदान माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए बेहद सार्थक सिद्ध होगी। हालांकि बारिश के बाद अब जिले में शीत लहर भी तेज होने की संभावना है लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि सूखी ठंड से लोगों को पेश आ रही परेशानियों से पूरी तरह निजात मिलेगी। शुष्क सर्दी से लोगों को जुकाम, गले के रोग, बुखार और खांसी जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा था।
किसानों में तारा चंद, जनक राज, संतोष कुमार, बलराम, महेंद्र सिंह, ज्ञान चंद शर्मा, राज कुमार, अजय कुमार ने बताया कि कई किसानों ने तो बारिश के इंतजार में अभी तक गेहूं की बीजाई नहीं कर रखी है। जिन्होंने गेहूं बीज रखी है, उनकी फसल बारिश न होने से पूरी तरह निकली नहीं है। अब बारिश हो जाने से सभी को बड़ी राहत मिल गई है।