उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में चल रहे अश्विन नवरात्र मेले के पांचवें दिन बुधवार को करीब सात हजार श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इस बार के नवरात्र मेले के पहले पांच दिनों में दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाई है।
बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी देखने को मिली। इसके चलते लाइनें भी नदारद रहीं। भीड़ न होने के चलते श्रद्धालु बड़े आराम से माता के दर्शन कर आगे बढ़ रहे थे। पंजाब और अन्य राज्यों से आने वाली श्रद्धालुओं की टोलियां माता के जयकारे लगाती हुई मंदिर की ओर बढ़ रही थीं। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि मेला शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। हालांकि उन्होंने भी माना कि इस दफा श्रद्धालुओं की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा का खास ख्याल रखा जा रहा है। इससे उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उधर, मेले में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी के चलते कारोबारी वर्ग को झटका लगा है। मेले में श्रद्धालुओं की कमी के कारण पंजाब के श्रद्धालुओं द्वारा लगाए लंगरों में भी कमी देखने को मिली। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि मंदिर न्यास को अभी तक नकद चढ़ावे के रूप में 33 लाख 41 हजार 199 रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा 24 ग्राम सोना और 1 किलो 350 ग्राम चांदी भी माता को भेंट की गई है।