संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में लंपी त्वचा रोग से वीरवार को 67 पशुओं की मौत हो गई। पशुओं की मौत का आंकड़ा अचानक बढ़ने से पशुपालन विभाग भी चिंतित है। अधिकारी शुक्रवार को पशुओं की मौत वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर कारणों का पता लगाएंगे। हालांकि संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है। वीरवार को संक्रमण के नए मामले 300 से भी कम दर्ज किए गए हैं।
लंपी संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने पहले टीकाकरण और फिर फॉगिंग का अभियान चलाया। इसके साथ ही रोग की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक भी किया गया। इससे संक्रमण के मामलों में कमी भी दर्ज की गई और मौत के मामले भी 30 से कम आ रहे थे, लेकिन वीरवार को अचानक 67 पशुओं की मौत से विभाग की परेशानी बढ़ गई है।
पशुपालन विभाग ने सहायक निदेशक राजीव वालिया ने बताया कि पशुओं की मौत के मामलों की जांच की जाएगी। विभाग की टीम कारणों का पता लगाएगी कि इतनी बड़ी संख्या में कैसे पशुओं की मौत हो गई।
जिले में पहले के मुकाबले संक्रमण के मामले कम हुए हैं। पशुपालकों को भी सावधानियां बरतने को लेकर जागरूक रहने के लिए कहा गया है। पशुओं की बड़ी संख्या में मौत होना चिंता का विषय है। वह भी ऐसे समय में जब संक्रमण कम हो रहा है। विभाग इसके कारणों की जांच में जुटा है।
जय सिंह सेन, उपनिदेशक, जिला पशु पालन विभाग।