मैहतपुर (ऊना)। मैहतपुर में बनने वाले 66 केवी विद्युत स्टेशन की फाइल को विद्युत बोर्ड की हरी झंडी का इंतजार है। बोर्ड से इस बारे में मंजूरी मिलते ही विद्युत के कम लोड तथा बार-बार लगने वाले अघोषित कटों से इस क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को छुटकारा मिल सकेगा।
विद्युत बोर्ड के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि वर्तमान में मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 33 केवी स्टेशन पर अत्यधिक विद्युत लोड बढ़ चुका है, जिस कारण विद्युत सप्लाई में कई बार रुकावट पैदा हो रही हैं। अभी तक मैहतपुर में 66 केवी विद्युत स्टेशन के न बनने की प्रमुख वजह जमीन का न मिलना माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया है कि मैहतपुर विद्युत सब स्टेशन को 66 केवी स्टेशन में परिवर्तित करने के लिए कम से कम 20 कनाल भूमि की आवश्यकता है, जो वर्तमान सब स्टेशन के आस पास मिलना संभव नहीं लग रहा। पिछली भाजपा सरकार के समय विद्युत सब स्टेशन मैहतपुर को अपग्रेड करके 66 केवी स्टेशन में तब्दील करने को लेकर एक घोषणा हुई थी, पर अभी तक वे घोषणा धरातल पर नजर नहीं आ रही है।
मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र को फेस टू में परिवर्तन करने को लेकर उक्त फाइल शिमला से दिल्ली और फिर दिल्ली से शिमला के बीच आ-जा रही है। उसे देखते हुए माना जा रहा कि देर-सवेर अगर मैहतपुर में फेस टू बनता है, तो कई बड़े उद्योग स्थापित होने पर 66 केवी विद्युत स्टेशन की बेहद जरूरत होगी। ऐसे में मैहतपुर सब स्टेशन को अपग्रेड करना अब बेहद लाजमी हो गया है। विद्युत विभाग के सूत्रों के मुताबिक सब स्टेशन मैहतपुर में गर्मियों के दिनों में बेहद ओवरलोड हो जाते हैं, जिससे न केवल औद्योगिक क्षेत्र, बल्कि सब स्टेशन के तहत आते अन्य क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। स्थानीय सब स्टेशन में विद्युत आपूर्ति को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए कम से कम 10 एमबी के तीन नए ट्रांसफार्मर और लगाए जाने की आवश्यकता है।
उधर, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता बलराज सांगर ने कहा कि मैहतपुर सब स्टेशन को 66 केवी स्टेशन बनाने को लेकर जमीन की समस्या है। रक्कड़ से मैहतपुर के बीच भी अगर कहीं जमीन मिलती है, तो यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि विद्युत के बढ़ते लोड को देखते हुए ऊना मंडल में विद्युत लोड की क्षमता को दोगुना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैहतपुर में 66 केवी स्टेशन संबंधी फाइल बोर्ड के पास विचाराधीन है।