ऊना। रक्षाबंधन पर्व पर बहनों को मायके पहुंचने की राह आसान हुई तो एचआरटीसी ऊना डिपो की टिकट आय भी प्रभावित हुई। बीते शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व पर ऊना डिपो के तहत लोकल रूटों पर चलने वाली निगम की बसों में 6300 महिलाओं ने मुफ्त सफर किया। निशुल्क यात्रा की सुविधा मुख्य रूप से लोकल और हिमाचल के भीतर चलने वाले रूटों पर रही। वहीं, प्रदेश से बाहर जाने वाली बसों में महिलाओं को किराया देना पड़ा। रक्षाबंधन पर्व पर सरकार की ओर से महिलाओं को एचआरटीसी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। यह सुविधा केवल उन बसों में लागू होती है, जो हिमाचल प्रदेश की सीमा के भीतर संचालित होती हैं। दूसरे राज्यों को जाने वाले लंबे रूटों पर यह सुविधा लागू नहीं रहती। ऐसे रूटों पर सफर करने वाली महिलाओं को नियमानुसार किराया चुकाना पड़ा।
दूसरी ओर, मुफ्त यात्रा के कारण डिपो की आय कम हुई लेकिन बसों का संचालन निर्धारित रूटों पर जारी रहा। परिचालकों ने किराया लेने के बजाय टिकट मशीन से शून्य रुपये के टिकट जारी किए। इससे यात्रियों की संख्या के साथ मुफ्त यात्रा का रिकॉर्ड भी दर्ज होता रहा। इस सुविधा का असर डिपो की रोजाना होने वाली आमदनी पर भी पड़ा। सामान्य दिनों में लोकल रूटों और प्रदेश के भीतर के रूटों पर चलने वाली ऊना डिपो बसों से रोजाना औसतन करीब 3.50 लाख रुपये प्रतिदिन की आमदनी होती है। इसके मुकाबले रक्षाबंधन के दिन निगम के खाते में 2.40 लाख रुपये जमा हुए। इस तरह सामान्य दिनों की तुलना में करीब 1.10 लाख रुपये कम आमदनी हुई।
लंबे रूट पर जेब ढीली करनी पड़ी हिमाचल से बाहर जाने वाली एचआरटीसी बसों में सफर करने वाली महिलाओं को निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिला। ऐसे लंबे रूटों पर उन्हें सामान्य किराये का भुगतान करना पड़ा। इसलिए मुफ्त सफर की सुविधा का लाभ केवल प्रदेश के भीतर चलने वाली बसों तक सीमित रहा।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर निगम की बसों में करीब 6300 महिलाओं ने सफर किया है। इसका रिकॉर्ड परिचालकों द्वारा काटे गए जीरो रुपये के टिकट से एकत्र किया गया है।
- राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी ऊना डिपो