अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
सब तहसील जोल के तहत छतैहड़ गांव में तेंदुए के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है। आलम यह है कि लोगों का रात के समय घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो रहा है। स्थानीय निवासियों में सुखदेव चंद, पवन कुमार, तरसेम सिंह, जगन्नाथ, देसराज, सुभाष चंद, राज कुमार, राकेश कुमार, संजय कुमार, प्रकाश चंद, सीता राम, मदन लाल, मनोहर लाल, रचना देवी, नीलम कुमारी, लज्जया देवी ने बताया कि पिछले एक महीने से ग्रामीण तेंदुए के खौफ में जीने को मजबूर हैं।
तेंदुआ पिछले लगभग एक माह से दिन रात इसी गांव के इर्द गिर्द घूम रहा है। इस वजह से ग्रामीण तेंदुए की दहशत में जीने को मजबूर हैं। जंगल के बीचोंबीच बसे गांव के ग्रामीणों पर तेंदुए का खौफ इस तरह से बन गया है कि ग्रामीण अपने पालतू पशुओं के लिए चारा भी अपने खेतों से नहीं ला पा रहे हैं। इस वजह से दिन में खेतों की तरफ जाना और शाम ढलते ही ग्रामीणों को घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
हाल ही में साथ लगते गांव भलौण में एक पालतू पशु को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इस क्षेत्र की सुध ली जाए और तेंदुए को पकड़ने के इंतजाम किए जाएं ताकि गांव में कोई अप्रिय घटना न हो।