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केंद्र सरकार के बिजली संशोधन कानून का विरोध

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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी इंप्लाइज यूनियन की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक बहडाला में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने की। बैठक में यूनियन ने प्रदेश सरकार के उन फैसलों का कड़ा विरोध किया, जिनमें बिजली बोर्ड की संपत्तियों को प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन निगम और संचार कॉर्पोरेशन को देने की बात कही गई है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार के फैसले से बिजली बोर्ड में काम कर रहे कर्मचारियों की सेवा शर्तों के साथ पेंशनर्स की सामाजिक सुरक्षा पर भी भारी खतरा पैदा हो जाएगा। यूनियन ने केंद्र सरकार के बिजली संशोधन कानून-2018 का विरोध किया। उसने ऐलान किया कि यूनियन राष्ट्रीय स्तर पर बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं के साथ समन्वय स्थापित कर 8 और 9 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल करेगी।
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केंद्रीय कार्यकारिणी ने प्रदेश सरकार के उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर बिजली कर्मचारियों की संख्या कम करने के प्रस्ताव का भी विरोध किया है। उन्होंने मांग की कि इस संबंध में बोर्ड द्वारा गठित तमाम कमेटियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और बोर्ड के प्रबंधक वर्ग को बिजली बोर्ड के लगातार बढ़ रहे ढांचे को ध्यान में रखकर जरूरत के मुताबिक कर्मचारियों के पदों को सृजित करना चाहिए।

उन्होंने बोर्ड द्वारा जूनियर टी-मेट और जूनियर हेल्पर्स के दो हजार पद भरने को शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और इन पदों को जल्द भरने की भी मांग की। उन्होंने बिजली बोर्ड में लंबे समय से लंबित चल रहे करुणामूलक नौकरी के मामलों पर हैरानी जताते हुए कहा कि दिवंगत कर्मियों के परिवार इस समय विकट परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उनकी भी सरकार और बोर्ड प्रबंधन को सुध लेनी चाहिए। यूनियन ने बार्ड में कार्यरत 48 श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतनमानों को कम करने के आदेशों को भी फौरन वापस लेने की मांग की है। वहीं 1978 से मिल रहे वेतनमानों को स्केल टू स्केल आधार पर बहाल करने की मांग उठाई। यूनियन पुरानी पेंशन स्कीम की पैरवी करते हुए न्यू पेंशन स्कीम को कर्मचारियों के साथ कुठाराघात करार दिया।
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उन्होंने ऐलान किया है कि कर्मचारियों के पुरानी पेंशन स्कीम के लिए किए जा रहे आंदोलन का यूनियन हर हाल में समर्थन करेंगे। यूनियन ने ऐलान किया है कि मांगों को और समस्याओं को लेकर बोर्ड प्रबंधन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस थमाया जाएगा। यदि फिर भी कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की तो 8 जनवरी को धरना दिया जाएगा। इस मौके पर यूनियन के प्रदेश महासचिव हीरा लाल वर्मा, श्याम लाल, मुनीष कुमार समेत बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे।
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