ऊना।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चिकित्सकों के खाली पद लोगों के लिए आफत बने हुए हैं। अस्पताल में तैनात दोनों शिशु रोग विशेषज्ञों को विभाग ने यहां से ट्रांसफर कर दिया है। वहीं चर्म रोग विशेषज्ञ के कमरे के बाहर लंबे अरसे से ताला लटक रहा है। इससे लोगों को बाहर निजी अस्पतालों में जाकर महंगा इलाज करवाने को विवश होना पड़ रहा है। मौसम के बदलाव में जहां छोटे बच्चों को बीमारियों ने बुरी तरह घेरा हुआ है।
वहीं चर्म रोग भी इन दिनों अपना विकराल रूप धारण कर चुके हैं। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में दोनों शिशु रोग विशेषज्ञों और चर्म रोग विशेषज्ञों के कमरों के बाहर ताले लटके मिल रहे हैं। विभाग की ओर से तैनात दोनों शिशु विशेषज्ञों को करीब दो माह पहले यहां से तबादला कर दिया था। हालांकि इनकी जगह किसी भी अन्य विशेषज्ञ को ऊना में तैनात करने की जहमत विभाग ने नहीं उठाई है। इसके चलते लोगों को इन दिनों अपने बच्चों को पेश आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से निपटने के लिए निजी अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में नवजात शिशुओं को उपचार देने के लिए विशेष हाईटेक वार्ड तैयार किया है। विशेषज्ञ न होने से यहां लाखों की मशीनरी धूल फांक रही है। दूसरी ओर चर्म विशेषज्ञ के कमरे के बाहर भी लंबे अरसे से ताला लटका है। इन दिनों पेश रही स्किन की कई प्रकार की दिक्कतों से निजात पाने को निजी क्षेत्र में महंगे इलाज लेने पर विवश होना पड़ रहा है। बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल में भटक रहे तीमारदारों ने सरकार से मांग की है कि यहां विशेषज्ञों की तैनाती जल्द की जाए जिससे उन्हें निजी अस्पतालों में पैसा न खर्च करना पड़े। सीएमओ डॉ. प्रकाश दड़ोच ने कहा कि इस मामले को सरकार से उठाया गया है। जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।