ऊना। हरोली उपमंडल में किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 97.78 करोड़ रुपये की मॉर्डनाइजेशन कमांड एरिया डेवलपमेंट योजना के कुल बजट में से 50 प्रतिशत हिस्से को केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। केंद्र से करीब 41.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद जल शक्ति विभाग ने परियोजना की टेंंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका टेंडर 15 जून खोला जाएगा। इस योजना के तहत कुल बजट का केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च करेगी जबकि प्रदेश सरकार इसमें 10 प्रतिशत का खर्च उठाएगी।
योजना के तहत हरोली उपमंडल के 62 गांवों की 4889 हेक्टेयर कृषि भूमि में आधुनिक सिंचाई व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही 133 ट्यूबवेल और 2,885 आउटलेट को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जिला ऊना के हरोली उपमंडल में लागू होगी। योजना के तहत मौजूदा सिंचाई तंत्र का आधुनिकीकरण किया जाएगा और पुराने पाइपलाइन नेटवर्क को बदलकर नई व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इसके अलावा एससीएडीए और आईओटी आधारित ऑटोमेशन सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे पानी के वितरण और निगरानी को तकनीक के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकेगा।
योजना के बनाए तीन क्लस्टर :
परियोजना को तीन क्लस्टरों में बांटा गया है। पहले क्लस्टर में टाहलीवाल क्षेत्र की 1,874 हेक्टेयर भूमि, दूसरे क्लस्टर में हरोली क्षेत्र की 1,790 हेक्टेयर भूमि और तीसरे क्लस्टर में खड्ड क्षेत्र की 1,225 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। योजना के तहत कुल 1,010 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे खेतों तक पानी की आपूर्ति अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी।
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इस योजना के लिए केंद्र सरकार से करीब 41 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिल गई है। 15 जून को टेंडर खोला जाएगा।
-नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग