बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ क्षेत्र में आम के पेड़ों की कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। वन विभाग और पर्यावरण संरक्षण संगठन आम समेत अन्य पेड़ों को बचाने के लिए अभियान चलाए रहे हैं, लेकिन बंगाणा के रायपुर मैदान में आम के करीब 50 पेड़ किसी ने काट दिए। जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने अपनी भूमि से पर्यावरण संरक्षण व वन विभाग के नियमों को दरकिनार करते हुए बिना परमिट लिए आम के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर काटे गए पेड़ों को कब्जे में ले लिया। वन विभाग की टीम जांच में जुट गई है। विभागीय नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपनी निजी भूमि से पांच पेड़ों से अधिक कटान नहीं कर सकता है। वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के लिए यह नियम बनाए हैं। पांच पेड़ों को काटने के लिए भी वन विभाग के अधिकारियों से परमिट लेना अनिवार्य होता है।
बताया जा रहा है कि उपमंडल में इससे पहले भी बालन बेचने के नाम पर आम के कई पेड़ काटे जा चुके हैं लेकिन अभी तक किसी भी ठेकेदार पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र से पांच पेड़ों को काटने के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन विभाग ने उससे भी इनकार कर दिया था। अब वन विभाग के अधिकारियों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को मामला भूमि की शिनाख्त के लिए भेज दिया है।
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रायपुर मैदान में बिना परमिट लिए ही आम के पेड़ काटे गए। विभाग की जांच में करीब 50 पेड़ों के काटे जाने की पुष्टि हुई। विभाग ने 125 क्यूबिक मीटर लकड़ी सील कर दी है। वन विभाग जल्द उक्त जगह की निशानदेही करवाने जा रहा है। इसके बाद ठेकेदार से अवैध कटान की रिकवरी कर प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी।
गिरधारी सिंह, कार्यकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी।
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पांच पेड़ों को काटने की अनुमति विभाग से मांगी गई थी। लेकिन विभाग ने पांच पेड़ काटने की अनुमति भी नहीं दी। विभाग ने लकड़ी को जब्त करके जांच आरंभ कर दी है। सुशील राणा, डीएफओ।